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15 दिन में भी भुगतान नहीं, मंडी में 500 रु. कम भाव में गेहूं बेचने को मजबूर किसान

3 वर्ष पहले
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रातौर खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने के इंतजार में खड़े किसान।

भुगतान के लिए किसान सहकारी समितियों और बैंकों के लगा रहे चक्कर

भास्कर संवाददाता | शिवपुरी

समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचकर किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। बुधवार को आखातीज पर शादियों की भरमार थी। लेकिन नगदी संकट के चलते किसानों को बैंकों से भुगतान नहीं हुआ। किसान गेहूं बेचने के बाद बैंक व सोसाइटियों के चक्कर लगा रहे हैं। खातों में रुपया ट्रांसफर नहीं होने का कारण सहकारी बैंक को मांग के अनुसार नकद राशि की आपूर्ति नहीं होना बताया जा रहा है। कैश की तंगी के चलते हालात ये बन गए हैं कि अब किसान समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के बजाए मंडी में 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल कम पर बेचने को तैयार है। मालूम हो कि जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 30 मार्च से शुरू हुई है और 26 मई तक चलेगी। ढाई माह में 1. 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी जाएगा।

शादी ब्याह के लिए कर्ज लेने को मजबूर: सोसाइटी पर उपज बेचने पर लंबे समय तक भुगतान नहीं हो रहा है। लेट-लतीफी से वाकिफ किसान मजबूरी में व्यापारियों को कम दाम में फसल बेच रहे हैं। जरूरत की पूर्ति व शादी ब्याह के लिए साहूकारों से कर्ज लेना भी मजबूरी बन गया है।

पढ़िए दैनिक भास्कर में समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी की अब तक की हकीकत

गेहंू बेचने के लिए 38 हजार किसानों का पंजीयन, सिर्फ 3975 ने ही बेचा

जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 38 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। इन किसानों से 63 केंद्रों पर खरीदी किए जाने का दावा हो रहा है। यहां अभी तक सिर्फ 3975 हजार किसानों ने ही सरकार को गेहूं बेचा है। सरकार ने इनसे अब तक सिर्फ 26 हजार 136 एमटी ( मीट्रिक टन )गेहूं खरीदा है। विभाग का दावा है कि इसमें से अब तक 17 करोड़ 22 लाख रुपए का भुगतान किया है। विभाग का दावा ये है कि यह राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर भी की जा चुकी है। जबकि विभाग के दावों के इतर जो किसान मिल रहे हैं, उनके मुताबिक गेहूं बेचे 10 से 15 दिन बीत गए हैं लेकिन पैसा उनके खातों में नहीं आ पा रहा है।

इन 2 उदाहरण से जानिए... किसानों की पीड़ा

मेरे घर में शादी है, भुगतान नहीं होने से कर्ज लेना पड़ा

हमारे यहां शादी है, लेकिन जब हम अपना गेहूं समर्थन पर लेकर गए तो उन्होंने कहा कि इतनी जल्दी भुगतान नहीं हो पाएगा। लेकिन मजबूरी थी तो हमने सोसायटी को गेहूं बेच तो दिया। लेकिन अब शादी के लिए बाजार से कर्ज लेकर खरीदारी करनी पड़ रही है।

रणवीर रघुवंशी, ग्राम डोड़याई

भात के लिए सामान लेना था, व्यापारी को बेचा गेहूं

हमारी बहन के यहां शादी थी। मंडप और भात के लिए सामान खरीदना था। खरीदी केंद्र पर गेहूं बेचने गए तो पता चला कि वे 10 से 12 दिनों से पहले भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में हमने 1500 व 1550 रुपए के भाव पर बाहर के व्यापारी को माल बेचा।

बल्लू,परिहार, देहारदा सड़क

सात दिन में किसानों को भुगतान करने का नियम

वैसे तो सात दिन में भुगतान करने का नियम है। हमारे यहां से सात दिन के भीतर हिसाब बनाकर बैंक को भेज दिया जाता है। बैंक समय पर भुगतान क्यों नहीं कर पा रहे हैं, ये वे ही बता सकते हैं। आप उनसे ही पूछिए। आरके तिवारी, प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम

इस समय कैश की कमी कलेक्टर को बता दिया है

इस समय नगदी का संकट है। बैंकों के पास भुगतान के लिए पैसा नहीं है। कलेक्टर को इस संबंध में बता दिया है। उन्होंने लीड बैंक को जल्द से जल्द पैसों के इंतजाम की बात कही है। उम्मीद है जल्द पैसा मिल जाएगा। एएस कुशवाह, मैनेजर, सहकारी बैंक

भुगतान शुरू हो गए हैं, कुछ दिन में सब ठीक हो जाएगा

हमने इस संबंध में लीड बैंक से जल्द पैसों का इंतजाम करने को कहा है। साथ ही शासन स्तर पर भी इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी है। वैसे अब भुगतान होने शुरू हो गए हैं, बस थोडे दिन की बात है। अगले कुछ दिनों में सब पटरी पर आ जाएगा। - तरुण राठी, कलेक्टर शिवपुरी

समर्थन मूल्य ऐसे समझें अब तक का गणित

36 हजार 32 कुल किसानों के पंजीयन

1.40 लाख मीट्रिक टन है खरीदी का लक्ष्य

26 हजार 222 मीट्रिक टन हुई अब तक खरीदी

3975 कुल किसानों ने बेचा गेहूं

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