श्रद्धा सुमन... रचनाकारों ने बैरागी को दी श्रद्धांजलि
शिवपुरी | मंदसौर से पूर्व सांसद बालकवि बैरागी के निधन पर नगर के रचनाकारों, कलाकारों और साहित्यकारों ने दो मिनिट का मौन धारण कर सोमवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। वरिष्ठ साहित्यकार अरुण अपेक्षित ने उनका संक्षिप्त जीवन परिचय देते हुए उनके गीत - ‘हाथों में पत्थर होठों पै नारे, सड़कों पर आ गए जलते अंगारे, हाय राम कोई उपाय तो करें, कोई इन अंगारों से प्यार तो करें‘‘ पढ़कर सुनाईं। अपेक्षित ने बताया कि वे युवा चेतना और ऊर्जा के प्रतीक थे। उनके अनेक राष्ट्रीय-गीत और श्रृंगार-गीत सदा-सदा के लिए युवाओं की आकांक्षाओं और भावनाओं की अभिव्यक्ति करते रहेंगे। हिन्दी के अलावा उन्होंने मालवी में गीतों की रचना की है। एक गीत में वे नई नवेली दुल्हन का चित्रण करते हैं। यह गीत कभी प्रत्येक कवि सम्मेलन में अनिवार्य रूप से सुना जाता था।