शहर में हवा,पानी और खाना प्रदूषित है,यही कारण है कि यहां के युवा भी अब ह्रदय रोग का शिकार हो रहे है। हम ग्वालियर में देखते है कि शिवपुरी में 30 से 45 की उम्र के लोग ह्रदय रोग का परीक्षण कराने आते है तो पाते है कि यहां इस रोग के मरीज ज्यादा है इसलिए यहां के लोगों को लाइफ स्टाइल में बदलाव लाना होगा। यह बात एम एम हॉस्पिटल के परिसर में आयोजित हुई ह्रदय रोग कार्यशाला के दौरान ग्वालियर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रविशंकर डालमिया ने कही। इस दौरान डॉ. आरपी सिंह विशेष रुप से उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि इस शहर में ह्रदय रोग के मरीज इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि कि सड़क यहां पूरी बनी नहीं है,धूल ज्यादा उड़ती है,पीने का पानी भी स्वच्छ नहीं है और खाने पीने की चीजों में भी मिलावट है। क्योंकि इन सब चीजों के शिकार लोग ही ह्रदय रोग के शिकार ज्यादा होते है। ऐसे में शहर वासियों को सचेत होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साल में एक बार शुगर,कॉलेस्ट्रॉल,लिपिड की जांच अवश्य कराएं ताकि समय रहते हृदय रोग का पता लग सके।उन्होंने यह भी कहा कि यहां के जिला चिकित्सालय के डॉक्टर वेल क्वालिफाईड है उन्हें चाहिए कि वह इस दिशा में सामूहिक रुप से सजगता के कार्यक्रम चलाएं और यदि कुछ लोग हमारे यहां हृदय रोग निदान की ट्रेनिंग लेने चाहे तो हम देने तैयार है बस आप समय रहते जागरूक होने का प्रयास करें। यहां के युवा अन्य जगहों की तुलना में तकरीबन 10 फीसदी ज्यादा है।
स्वास्थ्य शिविर में रोगी का परीक्षण करते डॉ. डालमिया।