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मैं नशा छोड़ना चाहता हूं, दोस्तों को छटपटाता देख बर्दाश्त नहीं कर पाता

3 वर्ष पहले
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पर्यटन केंद्र पर नशे में मिले युवक के बाद जांच करते पुलिसकर्मी।

नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ी तो खतरनाक मिले हालात
पर्यटक स्वागत केंद्र : लंबे समय से यह केन्द्र उपेक्षा का शिकार होकर नशेलचियों का सुरक्षित स्थान हो गया था। मदद बैंक द्वारा इसे गोद लेने के बाद यहां नशे की सूचनाएं जैसे ही मिलीं तो उस पर कार्रवाई की। मौके पर नशे का इंजेक्शन नश में लगाए वेसुध अवस्था में युवक मिला। जिसकी तत्काल पुलिस को सूचना दी। वहां से उपयोग में लाए गए इंजेक्शन व एविल की शीशियां फिजकल थाना पुलिस ने जब्त कीं।

फतेहपुर क्षेत्र : लोगों से मिलीं सूचनाओं पर मदद बैंक की टीम मनियर फतेहपुर क्षेत्र के कई निर्जन स्थानों पर पहुंची। जहां टीम को देख नशा कर रहे लोग भाग खड़े हुए। वहां भी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन व नशे संबंधित चीजों पड़ी मिलीं। इतनी अधिक तादाद में मिली नशे की सामग्री से नशा कारोबार फैलने का अंदाजा लगाया जा सकता है। टॉकीज के पीछे भी लोग स्मैक का नशा कर रहे हैं।

पुरानी शिवपुरी क्षेत्र : जवाहर कॉलोनी में हवाई पट्टी और कब्रिस्तान के पास सुनसान एरिया में जाकर स्मैक का नशा किया जा रहा है। इसी तरह स्टेडियम के पीछे व पुरानी शिवपुरी इलाके के अलग अलग हिस्सों में नशे के आदी स्मैक का नशा कर रहे हैं। जगह जगह बिखरे पड़े इंजेक्शन और एविल की खाली बोतलें देखकर इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

ग्रुप बनाकर फैला रहे स्मैक का नशा
नशे के आदी युवाओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि एक दोस्त स्मैक का आदी हो गया तो वह अपने दूसरे साथियों को शुरूआत में मुफ्त में नशा कराता है। नशे की आदत लगते ही ग्रुप बनाकर हर दिन यह नशा शुरू कर देते हैं जिसका सिलसिला जारी रहता है। नशे की गिरफ्त में आने के बाद घर पर माता-पिता को भी खुलकर कुछ नहीं बता पाते। जिससे उनका जीवन बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। नशा छोड़कर मुहिम से जुड़ने वाले युवाओं को स्मैक सप्लायर धमका रहे हैं। अब इस मामले में पुलिस को खुलकर आगे आने की जरूरत है।

आसानी से उपलब्ध हो जाती है नशे का ‘टिकट‘
कभी हाईप्रोफाइल माने जाने वाले इस नशे की कीमत भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 करोड़ रुपए किग्रा हो लेकिन यह शिवपुरी व इसके आसपास की तहसीलों पिछोर व करैरा में बहुत ही आसानी से उपलब्ध हो जाता है। नशे की दुनिया में से “टिकट” के नाम से जाना जाता है। जिसके सौदागर हर जगह घूम रहे हैं। उनके पहले से ही तैयार किए गए माध्यमों के जरिए वह इस नशे को तत्काल ग्राहकों तक पहुंचा देते हैं। थोक सप्लायर से 200 रुपए प्रति “टिकट” की कीमत में खरीदा गया नशा कई हाथों में होता हुआ 400 रुपए तक पहुंच जाता है।

नशे में जकड़ते यवा
स्मैक के इस हाईप्रोफाइल नशे को लेने के अलग अलग तरीके हैं। इसकी गिरफ्त में आए कुछ युवा इसे सिल्वर फॉल के टुकड़े पर रखकर लाइटर से जलाते हैं और नोट की गोल पाइप बनाकर नाक से उस धुएं को जोर से खींचते हैं। कुछ युवाओं को इसके बाद तत्काल उल्टियां होने लगती हैं और बताते हैं उसके बाद यह नशाा और तेजी से उनके दिमाग पर चढ़ने लगता है। इस नशे की और अधिक गिरफ्त में फंस चुके तमाम युवा एविल इंजेक्शन की सीसी (कुछ मेडिकल स्टोर्स पर इन्हें आसानी से उपलब्ध हो जाती है) में मिलाकर इंजेक्शन के माध्यम से सीधे नश में लगाते हैं। इस नशे की तासीर इतनी अधिक होती है कि खून में मिलकर यह नशा सेकेंडों में अपना काम शुरू कर देता है और नशे की गिरफ्त में आए युवा एक अलग ही दुनिया में खो जाता है।

कार्रवाई करेंगे
स्मैक के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए जल्द ही मजबूत कार्ययोजना बनाएंगे। जो भी नशे के कारोबार में संलिप्त हैं, उनकी पहचान कर कार्रवाई करेंगे। राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी

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