समर्थन मूल्य खरीदी जारी, गोदाम में जगह नहीं बची तो खुले में रखा गेहूं
जिले में समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदी का सिलसिला जारी है। जिले में 11 लाख 35 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जिसमें से 9 लाख 30 हजार क्विंटल भंडारण हो चुका है। उपार्जन केन्द्रों से अभी भी 3 लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं का भंडारण बाकी है। जिले के गोदामों में गेहूं भंडारण के लिए जगह नहीं बची है। ऐसी स्थिति में 2 लाख 50 हजार क्विंटल गेहूं मंगलवार से ओपन कैप में रखा जाने लगा है। शहर के नए जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के नजदीक बने आरसीसी चबूतरों पर ओपन कैप तैयार किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर खरीदा जा रहा गेहूं कैप में भरने के लिए भेजा जा रहा है। गेहूं भंडारित कर ऊपर से ढंककर रखा जाएगा। ओपन कैप में गेहूं भंडारण की व्यवस्थाओं का जायजा लेकर स्वयं कलेक्टर तरुण राठी पहुंचे। उन्होंने ओपन कैप पर गेहूं भंडारण कार्य के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी नारायण शर्मा ने बताया कि 2.50 लाख क्विंटल गेहूं का भंडारण ओपन कैप में किया जाएगा। मंगलवार की दोपहर से ओपन कैप में भंडारण का काम शुरू करा दिया है। यहां बता दें कि जिले में इस साल 14 लाख क्विंटल गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। कुल 60 उपार्जन केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। गेहूं खरीदी का कार्य 26 मई तक चलेगा। अब किसानों के पास 11 दिन बेच हैं।
चना-सरसों का 10 लाख क्विंटल लक्ष्य
जिले में चना व सरसों की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर चल रही है। इसके लिए 19 उपार्जन केन्द्र निर्धारित किए गए हैं। जिले में चना-सरसों खरीदी का लक्ष्य 10 लाख क्विंटल रखा गया है। अभी तक 2 लाख 40 हजार क्विंटल चना व सरसों खरीदा जा चुका है। यह खरीदी 9 जून 2018 तक चलेगी। सबसे अधिक भीड़ चना लेकर पहुंचने वाले किसानों की है। शासन ने समर्थन मूल्य 4400 रुपए निर्धारित किया है। जिससे किसान दो से तीन दिन तक अपनी उपज लेकर उपार्जन केन्द्रों पर डटे हैं।
वारदात खत्म होने से बामौरकलां में खरीदी बंद
शिवपुरी जिले के सबसे आखिरी छोर पर स्थित पिछोर तहसील के बामौरकलां कस्बे में समर्थन मूल्य पर खरीदी बंद है। पिछले आठ-दस दिन से किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। मंगलवार को 50 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉली खड़े हैं। समिति प्रबंधक के अनुसार आठ हजार क्विंटल गेहूं उनका अभी खुले में पड़ा हुआ है। परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से करीब दस ट्रक दो दिन से मंडी परिसर में ही खड़े थे जो मंगलवार को शिवपुरी रवाना हो सके। ऐसे में यदि बारिश हुई तो आठ हजार क्विंटल गेहूं भीगने की संभावना है।
गेहूं की दो रैक बाहर भिजवाई, चार रैक की डिमांड भी भेजी
जिले में गेहूं भंडारण के लिए कवर्ड गोदाम अब नहीं बचे हैं। क्योंकि समर्थन मूल्य पर चना व सरसों भी खरीदा जा रहा है। ऐसी स्थिति में गेहूं भंडारण की समस्या खड़ी हो रही है। ओपन कैप के अलावा गेहूं मालगाड़ी से बाहर भिजवाया जा रहा है। दो रैक पहले ही भिजवा चुकी हैं। जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने चार और रैक की मांग शासन को भेजी है। जिससे जिले में भंडारण की समस्या न जूझना पड़े।