धर्म... संत अतिथि की तरह होते हैं: मुनिश्री
शिवपुरी | संत अतिथि की तरह है,वह न तो अपने आने की तिथि बताते और न ही जाने की तिथि बताते है। दिगंबर संत तो अपने स्वभाव में जीते है,और वह सबको अपनी आत्मा के कल्याण की नसीहत देते है। यदि संतों की कही बात को श्रावक या आम जन मानता है तो इससे उसकी आत्मा का कल्याण होना तय है। यह बात जैन मुनि प्रभाव सागर महाराज ने कोलारस से पद विहार करते समय कही। वह जैनाचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के शिष्य है और पहली बार शिवपुरी में आ रहे है।
धर्म... सभी महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर चलें: राममुनि
शिवपुरी | भगवान महावीर ने अहिंसा, अपरिग्रह, सत्य, आचार्य और ब्रह्मचर्य व्रत का संदेश देकर मानव जीवन को सार्थक करने की पहल शुरु करने का संदेश दिया। पर हम आज भी उनके संदेशों को न तो अंगीकार कर पा रहे है और न ही उनके सिद्धांतों पर चलकर मानव देह को सार्थकता प्रदान कर रहे है। यह बात संत राममुनि ने श्वेतांबर जैन मंदिर पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांतों की सबसे अधिक आवश्यकता है।