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जननी एक्सप्रेस: घायल को घर पहुंचाने 1000 रु. लिए, रजिस्टर में लिखा-प्रसूता को छोड़ने गए थे

3 वर्ष पहले
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रुपए देकर जननी एक्सप्रेस से खनियांधाना जा रहे मरीज।

जननी के कॉर्डिनेटर ने ही पकड़ी गड़बड़ी, कलेक्टर से की शिकायत

भास्कर संवाददाता | शिवपुरी

जिला अस्पताल में जननी एंबुलेंस (108) के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। एक एंबुलेंस क्रमांक एमपी-33-डी-0828 के पायलट ने 4 अप्रैल को एक युवक को घर तक पहुंचाया, जिसके पैर में फ्रैक्चर था। इस युवक से बाकायदा एक हजार रुपए किराया भी वसूला गया और बाद में जननी के रिकॉर्ड रजिस्टर में प्रसूता की फर्जी आईडी लगा दी। गंभीर बात यह है कि यह आईडी अस्पताल से ही जारी की गई थी। जब जननी सुरक्षा योजना के कॉर्डिनेटर राजेश तोमर ने यह गड़बड़ी पकड़ी तो उन्होंने तत्काल कलेक्टर तरुण राठी को इसकी शिकायत की। कलेक्टर ने सीएमएचओ व सिविल सर्जन से जननी योजना का 3 माह का रिकॉर्ड मांगा है। लेकिन अभी तक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है।

जननी एंबुलेंस के अंदर था युवक, पैर पर चढ़ा था फ्रैक्चर
कलेक्टर ने मांगा रिकॉर्ड, नहीं कराया उपलब्ध
समझिए जननी एबुलेंस योजना में ऐसे चल रहा फर्जीवाड़ा
जिला अस्पताल में इस समय भोपाल से जननी सुरक्षा के लिए 108 वाहनों की तैनाती की गई है। इस वाहन से सिर्फ गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल तक लाने व प्रसूताओं को घर छोड़ने में ही किया जाता है। लेकिन शिवपुरी जिला अस्पताल में प्रसूताओं की फर्जी आईडी निकालकर दूसरे मरीजों को ढोया जा रहा है। एक तरफ मरीजों से किराया वसूला जा रहा है। दूसरा इस फर्जी आईडी के आधार पर प्रति किलोमीटर के हिसाब से भोपाल से भी जननी योजना का संचालन कर रही एजेंसी को भुगतान होगा।

हमें 108 एंबुलेंस वालों ने नहीं दिया है जवाब
हमारे पास पत्र आया। लेकिन अब हमने इसका ब्यौरा 108 वालों से ही मांगा है। वो हमें दें तो हम आगे बढ़ाएं। उसे हमने आज भी बुलाया था। लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। डाॅ. गोविंद सिंह, सिविल सर्जन, शिवपुरी

एक हजार लेकर जा रहा था खनियांधाना

केस आईडी: 40031 असाइन समय: 17:40

लोकेशन:
जननी डीएच-2 जो कि जिला अस्पताल से ड्रॉप केस लेकर खनियांधाना की तरफ जा रही थी, इसे कॉर्डिनेटर के द्वारा रोका गया तो रोकने पर एंबुलेंस के पायलट ने स्पीड बढ़ा दी। कॉर्डिनेटर ने जब उसे पकड़ा तो पता चला कि यह फर्जी केस है। इसमें महेन्द्र सिंह नामक युवक था, जिसके पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था। एंबुलेंस इस युवक को लेकर खनियांधाना जा रहे थे। इनसे 1 हजार रुपए भी लिए गए थे। जबकि आईडी ड्रॉप केस की थी, जो संगीता नामक महिला की थी। इस केस में कॉलर का नंबर 8370070024 था, जो पूर्णत: फर्जी थी।

सीएस नहीं दे रहे हैं जानकारी
इस मामले में कलेक्टर साहब ने 108 जननी एंबुलेंस का 3 माह का रिकार्ड मांगा है। मैने 10 दिनों में सिविल सर्जन और बीएमओ से जानकारी मांगी है, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। हमने जननी के पायलट पर एफआईआर के आदेश भी दिए हैं। डॉ. एमएस सागर, सीएमएचओ शिवपुरी

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