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एक टीम 20 ईवीएम की प्री एफएलसी करेगी

3 वर्ष पहले
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मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सम्पन्न

भास्कर संवाददाता|शिवपुरी

ईव्हीएम की प्री एफएलसी का कार्य दो-दो मास्टर ट्रेनर्स की टीम बनाकर किया जाएगा। एक टीम द्वारा एक दिन में कम से कम 20 ईवीएम की प्री एफएलसी की जाएगी। एक ईवीएम एक कंट्रोल यूनिट और3 बैलेट यूनिट का कॉम्बिनेशन होगा। यह विचार जिले के मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिलाधीश कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर संजीव जैन ने कर्मचारियों को संबोधित कर कहे।

उन्होंने बताया कि ईवीएम मशीन का फिजीकल एवं टेक्नीकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। फिजीकल वेरिफिकेशन में ईवीएम की टूट.फूट और खराबी देखी जाएगी तथा टेक्नीकल वेरिफिकेशन में साफ्टवेयर से संबंधित समस्या, रिजल्ट सही आ रहा है या नहीं, मॉक पॉल, अंडर बोर्ड, टाइम इन क्लॉक आदि की जानकारी देखी जाएगी। उक्त ईवीएम वेरिफिकेशन की समस्त जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में भरकर डाटा एंट्री ऑपरेटर के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टि कराई जाएगी।मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ईवीएम प्री एफएलसी प्रक्रिया के वेरिफिकेशन हेतु प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा शिवपुरी प्रभारी अनुविभागीय दंडाधिकारी एल के पांडे मास्टर ट्रेनर्स एम एस हिण्डोलिया एवं एस एस खण्डेलवाल सहित मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित थे। उक्त प्रशिक्षण पुनः 16 अप्रैल को पूर्वानुसार जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित किया जाएगा।

मास्टर ट्रेनर्स एम एस हिण्डोलिया ने बताया कि प्री एफएलसी करने वाली टीम को वेरीफिकेशन हेतु उपयोगी सामग्री प्रदान की जाएगी। जिसमें कंट्रोल यूनिट एवं बैलेट यूनिट, पावर पैक, टी ईयर मार्क डीएमएम, कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट की जांच रिपोर्ट संबंधी फार्म, छोटे स्टीकर जो सामान्य तौर पर एड्रेस के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टीकर उपयोग में लाए जा सकते है,लाल रंग का परमानेंट मार्कर,डिवाइस पर लगे हुए पुराने स्टीकर, टैग, सील आदि को हटाने के लिए कैंची अथवा कटर शामिल होगा।

यह टिप्स भी दिए

प्री एफएलसी की प्रक्रिया पूर्णतः सुरक्षित परिसर में की जाएगी।

ईवीएम की जांच करने के बाद मास्टर ट्रेनर्स द्वारा रिपोर्ट भरी जाएगी। -रिपोर्ट पर हस्ताक्षर उपरांत मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उसे उप जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा निर्वाचन पर्यवेक्षक को सौंप दी जाएगी।

इसके साथ ही कंट्रोल यूनिट अथवा बैलेट यूनिट के पृष्ठ भाग पर एक छोटा स्टीकर चिपकाया जाए, डिवाइस वर्किंग कंडीशन में होने पर स्टीकर पर बड़े-बड़े अक्षरों में लाल रंग के परमानेंट मार्कर से ओके लिखा जाएगा।

वर्किंग कंडीशन में न होने पर एनडब्ल्यू नेट वर्किंग, के साथ इरर का विशिष्ट क्रमांक लिखा जाएगा। डिवाइस को सुधारे जाने के बाद पृष्ठ भाग से स्टीकर हटाकर एक अन्य छोटा स्टीकर चिपकाकर मार्कर से ओके लिखा जाएगा।

सुधारी गई लगभग 1 प्रतिशत ईवीएम पर एक हजार वोट डालकर मॉक पॉल अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

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