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बुरा समय गर आया तो दे देंगे इस पर जान

3 वर्ष पहले
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हमारा प्यारा हिन्दुस्तान,हमारा प्यारा हिन्दुस्तान,बुरा समय गर आया तो दे देंगे इस पर जान।फतेहपुर उत्तर प्रदेश से तशरीफ लाईं मोहतरमा तरन्नुम नाज ने अपने इस गीत के माध्यम से सिद्धेश्वर वाणगंगा के रंगमंच पर अखिल भारतीय मुशायरा के शुभारंभ अवसर पर काव्यपाठ करते हुए सुनाई जिसे दर्शकों के साथ साथ अन्य कवियों की दाद मिली।

सुकून शिवपुरी के संयोजन में अखिल भारतीय के मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसमें ख्याति प्राप्त शायरों ने अपना कलाम पेश किया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद शिवपुरी के अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह व उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी ने मां सरस्वती की प्रतिमा को माल्यार्पण कर व दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद नईम अख्तर बुरहानपुरी ने नाते-पाक पेश की।

कार्यक्रम में मुशायरे के संयोजक सुकून शिवपुरी ने धार्मिक आतंकवाद पर केन्द्रित नज्म पढ़ते हुए भरपूर दाद बटोरी - गुलशन में बारूद बिछाओ, ये इस्लाम नहीं कहता,आग में फूलों को झुलसाओ,ये इस्लाम नहीं कहता।कलियों पर तेजाब गिराओ, ये इस्लाम नहीं कहता।हश्र के दिन जो होगा तुम्हारा डरिए उस अंजाम से,अपनी खूंरेजी को तुमने जोड़ दिया इस्लाम से ।खंडवा से तशरीफ लाये अकबर ताज ने हिन्दू-मुस्लिम एकता की बात की तो मेला प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा-लखन को दर्द हो तो अश्क रमजानी के बहते हैं,हमारे मुल्क में सब लोग इकजहती से रहते हैं।यहां बेटी को रुख़सत करने सारा गांव आता है,मोहब्बत के इसी गुलशन को हिन्दुस्तान कहते हैं।

झांसी से तशरीफ लाये शकील झांसवी ने भी बेहतरीन कलाम पेश किया- अजनबी सब ने मुझे जान के पत्थर मारे,और तुमने मुझे पहचान के पत्थर मारे ।संचालक नदीम फर्रूख ने इशारे से बात करते हुए कहा -कुछ इस तरह से जमाने पे छाना चाहता है,वो आफताब पे पहरे बिठाना चाहता है।तरन्नुम के धनी ताहिर फराज ने अपने लहजे से माहौल में मिठास घोल दी -जब कभी बोलना तोल कर बोलना। मुद्दतों सोचना मुख्तसर बोलना,डाल देगा हलाकत में इक दिन तुझे,ऐ परिंदे तेरा डाल पर बोलना ।अध्यक्षता कर रहे नईम अख्तर बुरहानपुरी के अंदाज ने सभी के दिलों को छू लिया -वो अपने को बड़ा गिनने लगा है,अभी खुद भी जो गिनती में नहीं है।जरा औकात उस झौंके की देखो,जो सूरज को बुझाना चाहता है ।मुशायरा देर रात तक चलता रहा। आखिर में मेला प्रभारी पूरन कुशवाह ने सभी का आभार व्यक्त किया ।

सिद्धेश्वर वाणगंगा के रंगमंच पर अखिल भारतीय मुशायरा सम्पन्न,देर रात दर्शकों ने निभाया साथ

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