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संस्कृति को बचाना हमारा कार्य: तिवारी

3 वर्ष पहले
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सारा विश्व ही एक संस्कृति है,आस्थाओं के ठगों ने हमें बहुत ठगा है। इन ठगों से बचाने के लिए भारत संस्कृति न्यास का गठन किया।क्रांतियों से कुछ नहीं होता।कृष्ण के युग बाद ढाई हजार साल तक देश मे कुछ गड़बड़ नहीं थी,गड़बड़ तो नए समाज को लेकर आये लोगो ने भारत मे प्रारंभ की।उक्त उदगार भारत संस्कृति न्यास के संस्थापक संजय तिवारी लखनऊ ने भारत संस्कृति न्यास परिचर्चा सम्मेलन में मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किये।

तिवारी ने कहा जो नया समाज बनाने आता है एक नया पंथ बनाकर चला जाता है ।ज्ञान के नाम पर जो बांट रहे है पढ़ा रहे है उससे आने वाली पीढ़ी के आगे अंधेरा ही अंधेरा है।इन विषयों को लेकर हम आगे आये है। सरकार चलाने के लिए संस्‍कृति और संस्कार होना जरूरी है।इस अवसर पर सिने अभिनेता अमित भार्गव ने कहा कि संस्कृति की रक्षा व उत्थान युवाओं के ही जिम्मे है।सभी को साथ मे लेकर भारत के नव निर्माण में अपनी भूमिका युवाओं को निभानी पड़ेगी। कवियित्री गीतिका वेदिका ने संस्कृति पर लिखी कविता के साथ किया।कार्यक्रम का संचालन अभिभाषक अजय गौतम,अतिथि परिचय दिवाकर शर्मा,प्रस्तावना प्रदीप अवस्थी व आभार प्रदर्शन विजय भार्गव ने किया।

कार्यक्रम में बोलते भारत संस्कृति न्यास के संस्थापक संजय तिवारी।

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