शिवपुरी। आमोलपठा चौकी क्षेत्र के कुशवाह के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों को एक हथियारबंद बदमाश ने रोक लिया। हथियार की रोक पर धमकाने के बाद छोड़ दिया। गांव आकर घटना की सूचना मिलने के बाद आमोलपठा चौकी प्रभारी ग्रामीणों को साथ लेकर जंगल में सर्चिंग करने उतर गए। दिन पर जंगल छानने के बाद भी बदमाश का सुराग नहीं लग सका है। पाती राम जाटव अन्य 20-25 महिला मजदूरों के साथ तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए कुशवाह के जंगल में गया था। जंगल में उसे एक हथियारबंद बदमाश ने रोक लिया और महिलाओं को भगा दिया। बीड़ी मांगी और भोजन की व्यवस्था करने के लिए कहा। धमकाते हुए पाती राम को बदमाश ने भगा दिया। पाती राम ने गांव आकर पूरी घटना ग्रामीणों को बताई। इसके बाद अामोलपठा चौकी प्रभारी सुदर्शन कलोसिया को सूचित किया। खबर लगते ही एसआई कलोसिया चौकी पर तैनात आरक्षक और गांव के अन्य छह लोगों को साथ लेकर जंगल में सर्चिंग के लिए उतर गए। लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं लगा। यहां बता दें कि 1 मई को कोंडर गांव में शिक्षक बादाम पाल के घर चार हथियारबंद बदमाश आए पहुंचे और बंदूक की नोक पर पूरे परिवार को बंधक बनाकर नगदी सहित सोने-चांदी के जेवर लूटकर ले गए। जिससे ग्रामीणों में हथियार बंद अज्ञात गैंग को लेकर दहशत है। जंगल में टकराए एक बदमाश का हुलिया कोंडर लूट वारदात से मिलता जुलता होने की सूचना पर शिक्षक बादाम, उसके भाई, लाला परिहार भी जंगल में सर्चिंग के लिए कुल्हाड़ी व लाठियां लेकर पुलिस के साथ कूद गए। वहीं चौकी प्रभारी कलोसिया का कहना है कि जंगल में हथियारबंद बदमाश की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। निर्देश मिलते ही जंगल में दिन भर सर्चिंग की। जिस मजदूर को बदमाश मिला था, उस स्थान के अलावा आसपास क्षेत्र में कोई नहीं टकराया।