परशुराम जयंती की पूर्व संध्या पर छोड़े 201 आकाशदीप
सीकर | भगवान परशुराम के जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर परशुराम पार्क में ब्राह्मण संगठनों की ओर से चित्रों के माध्यम से भगवान परशुराम की शिक्षाओं के बारे में बताया गया। आकाश में 201 आकाशदीप छोड़े गए। विप्र फाउंडेशन, खांडल विप्र विश्व परिषद, गौड़ बाह्मण महासभा व राजस्थान ब्राह्मण महासभा की ओर से आयोजन हुआ।
श्रीजी ने लिए भगवान परशुराम का रूप | महामंदिर रोड स्थित कल्याणजी मंदिर में श्रीजी को भगवान परशुराम का स्वरूप दिया गया। महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर श्रीजी का दूध, पानी, चंदन का जल, पंचामृत सहित कई विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से अभिषेक कर फरसा एवं धनुष धारण करवार कर भगवान परशुराम का स्वरूप दिया गया। भगवान काे चंदन का लेप किया गया।