बस स्टैंड को शिफ्ट करने पर लोगों ने लगाई याचिका आज स्थाई लोक अदालत में जवाब पेश करेंगे एसपी
शहर को जाम मुक्त करने के लिए रोडवेज व निजी बसों के शहर में प्रवेश पर पाबंदी लगाई गई। इनके स्टॉपेज शहर से बाहर कर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद जनता को जाम से निजात नहीं मिली। आखिरकार परेशान लोगों को कोर्ट में जनहित याचिका दायर करनी पड़ी। मामले में एसपी 17 अप्रैल को स्थाई लोक अदालत में जवाब पेश करेंगे।
फतेहपुर बस स्टैंड को मारू स्कूल से हटाकर शहर से काफी दूर सबलपुरा के पास स्थानांतरित किए जाने आपत्ति जताते हुए दीपसिंह राठौड़ सहित अन्य की ओर से स्थाई लोक अदालत में याचिका दायर की गई थी। याचिका में बस स्टैंड पूर्व स्थान पर यथावत रखने की मांग की गई। राठौड़ ने याचिका में कहा कि बस स्टैंड के शहर से काफी दूर स्थानांतरित होने से यात्रियों को परेशानी और आर्थिक बोझ का सामना करना कर पड़ रहा है। रोडवेज बसों को नवलगढ़ पुलिया के ऊपर से संचालित करवाया जाए। स्थाई लोक अदालत ने मामले में पुलिस अधीक्षक को 17 अप्रैल को जवाब पेश करने को कहा।
याचिका में तीन बड़े कारण गिनाते हुए बस स्टैंड व्यवस्था पर जताई आपत्ति
1. सबलपुरा पावर हाउस के आगे जहां बस स्टैंड स्थानांतरित किया गया है। उसके ऊपर से 220 केवी उच्च क्षमता की इलेक्ट्रिक हाई टेंशन डबल सर्किट लाइन गुजर रही है। नियमानुसार बिजली अधिनियम के तहत उच्च क्षमता की लाइन के नीचे या साइड में किसी भी प्रकार का निर्माण किया जाना उचित नहीं है। ऐसे में यहां सार्वजनिक बस स्टैंड सुरक्षित नहीं है।
2. यह रूट गंगानगर, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, लक्ष्मणगढ़, फतेहपुर कस्बे को मुख्यालय से जोड़ता है। स्कूल-कॉलेज स्टूडेंट्स, नौकरी पेशा, व्यापारी, मजदूर व मरीज इसी रास्ते से शहर तक पहुंचते हैं। नया बस स्टैंड शहर के बाहर होने के कारण इस रूट से आने वाले लोगों को शहर में आने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इससे समय व्यर्थ होता है।
3. जिस स्थान पर निजी बसों का स्टैंड वर्तमान में संचालित है। वहां जल्द सुबह व रात के समय आवागमन का कोई साधन नहीं मिलता है। जो महिलाओं और स्कूली बच्चियों के लिए सुरक्षित नहीं है। अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। यहां छाया, पानी, खाना बैठने व सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं।
याचिका में समाधान भी बताया : इस रूट से बस डिपो पहुंचने वाली राजस्थान रोडवेज बसों का संचालन जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नवलगढ़ रोड पुलिया से किया जाए, ताकि लोग शहर के नजदीक पहुंच सकें। निजी बसों को पूर्व स्थान से संचालित किया जाए। रोडवेज को भढाढ़र बाइपास से सांवली रोड, राणीसती होते हुए बस डिपो भेजा जा रहा है। इससे फतेहपुर रोड का संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है।
तीन बार बदला गया स्टॉपेज : प्रशासन की ओर से मारू स्कूल के स्टापेज को एक फरवरी को नॉर्थ के चौकी के पास शिफ्ट किया गया। दूसरे ही दिन इसे सबलपुरा स्थित गोपीनाथ ढाणी के पास कर दिया गया। इसके 10 दिन बाद स्टैंड को शहर की तरफ लाकर सबलपुरा पावर हाउस से आधा किमी दूरी पर शिफ्ट कर दिया गया। यहां भी आमजन की परेशानी कम होने की बजाय पहले की तरह बनी रही। इस पर ग्रामीणों ने स्थाई लोक अदालत में याचिका दायर की।
तमाम प्रयासों के बाद भी नहीं मिली जाम से मुक्ति
प्रशासन द्वारा जाम से मुक्ति के लिए प्रयास किए गए। लेकिन शहर में इसका असर नजर नहीं आ रहा है। सुबह 9.30 से 11 बजे तक शहर में अक्सर जाम लगा रहता है। एंबुलेंस तक को रास्ता नहीं मिल पा रहा है। शहर के लोगों को दो से पांच किमी दूर शिफ्ट किए गए स्टैंड से शहर में पहुंचना पड़ रहा है।