सूर्योदय के साथ अधिक मास आज से शुरू चांद दिखा तो इबादत का महीना कल से
तीन साल बाद ज्येष्ठ माह में पुरुषोत्तम मास 16 मई से शुरू हो रहा है। वहीं मुस्लिमों का रमजान चांद दिखने पर 17 मई से शुरू होगा। इस वर्ष मलमास प्रारंभ होने के एक दिन बाद से रमजान शुरू हो रहे हैं। 10 साल बाद पूजा व इबादत के इस संयोग में दोनों धर्म के लोग एक साथ अपने-अपने पर्व मनाएंगे। इससे पहले 2008 में अधिक मास और रमजान एक साथ आए थे। हिंदू धर्म के लोग मंदिरों, आश्रमों में पूजा, पाठ, जप, अनुष्ठान व कथा और प्रवचन करेंगे। रमजान में नमाज अाैर इबादत के साथ रोजे रखकर दुआ मांगने का दौर चलेगा। अधिक मास 16 मई से 14 जून तक चलेगा। रमजान माह चांद दिखने पर 17 मई से शुरू होगा। पं. रामअवतार मिश्रा ने बताया कि बुधवार को सूर्योदय के साथ ही अधिकमास शुरू होगा जो 13 जून तक चलेगा।
शनि मंत्र का जाप कर किया अभिषेक महिलाओं ने की वट वृक्ष की परिक्रमा

सीकर. शनि जयंती पर भगवान शनि के मंदिरों में दिनभर पूजन, अभिषेक जैसे धार्मिक आयोजन हुए। भौमवती अमावस्या के चलते शनिदेव के साथ-साथ हनुमानजी के मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। वहीं वट सावित्री का पर्व भी होने के कारण महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर भगवान से सुख-समृद्घि का आशीर्वाद मांगा। वट वृक्ष की पूजा करने पहुंची सरिता, सोनम सैनी ने बताया कि सनातन धर्म के अनुसार वट वृक्ष में त्रिदेवों कर दिव्य ऊर्जा का अक्षय भंडार होता है।