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दो नानाओं ने अपने दोहितों काे शिविर में छोड़ा, बोले-नहीं पालना चाहते हैं, एक विमंदित तो दूसरे के एक हाथ नहीं

3 वर्ष पहले
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विशेष योग्यजन उपकरण वितरण शिविर में उस वक्त लोगों की आंखें नम हो गई, जब लक्ष्मणगढ़ के बादूसर गांव के छह साल के पंकज को उसके परिवार वाले शिविर में छोड़कर जाने लगे। क्योंकि बच्चा रोने लगा। उसका रोना देख शिविर में मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं, लेकिन उसके परिवारजनों को रहम नहीं आया। पंकज का एक हाथ जन्म से खराब है और उसके पिता उसकी मां और उसे छोड़कर चले गए। इसके बाद पंकज की मां अपने पिता के पास ही रहती है।

नाना रणजीतसिंह उसे शिविर में लड़की बताकर छोड़ गया। विभाग ने उसे कस्तूरबा बालिका गृह भेज दिया। जांच में बालिका नहीं होने पर उसे बाल गृह भेजा गया है। शिविर में खंडेला का मुक्तिलाल अपने 16 साल के दोहिते योगेश को छोड़ गया। मुक्तिलाल ने बताया कि योगेश की मां नहीं है और पिता आसाम में नौकरी करता है। वे इसे पालना नहीं चाहते। वहां मौजूद लोगों ने नाना को खूब समझाया, लेकिन वह नहीं माना। मानसिक विमंदित योगेश अपने नाना की बात गौर से सुन रहा था, लेकिन कुछ नहीं बोला। जब उसे छोड़कर नाना जाने लगा तो उसकी आंख से आंसू टपकने लगे। यह देखकर कई लोग रो पड़े। उसे भी बाल सुधार गृह भेजा गया है।

दिव्यांग बालक योगेश व उसका नाना।

दिव्यांग बालक पंकज

दिव्यांगों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध कराने के लिए आरसीआई कोर्स शुरू करेंगे : पुरोहित

सीकर. विशेष योग्यजन मेगा शिविर में मंचासीन अतिथि।

सीकर | प्रदेश के निशक्तजन आयुक्त धन्नाराम पुरोहित ने कहा कि राज्य में जल्द ही दिव्यांगों और मानसिक विमंदितों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षक मिले। इसके लिए आरसीआई कोर्स शुरू किया जा रहा है। इससे दिव्यांगों के लिए विशेष प्रकार के शिक्षक मिल सकेंगे और उनको उनकी भाषा में ही अध्ययन करवा पाएंगे। भास्कर से बातचीत में पुरोहित ने कहा कि जयपुर के जामडोली में प्रदेश का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय खोलने जा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली में बैठक हो चुकी है। दिव्यांगों को उनकी जरूरत के हिसाब से कोर्स बनाकर अध्ययन करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को अपने प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन करवाना चाहिए। प्रदेश में दिव्यांगों के यूआईडी नहीं बनने को लेकर आयोग सख्त है और जल्द ही प्रमुख शासन सचिव के साथ बैठक कर सभी कलेक्टरों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इसके लिए निर्देश जारी करेगा। सरकार नेत्रहीन विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन देगी। इसके लिए आवेदन मांगे जा रहे है। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों में दिव्यांगों को सीट नहीं देने के मामले में आयोग जल्द कदम उठाएगा। इस दौरान आयुक्त ने जनसुनवाई भी की। बीए सैकंड ईयर के छात्र मोनू शर्मा ने आंखों के ऑपरेशन के लिए मदद मांगी।

108 रजिस्ट्रेशन, 12 को स्कूटी, 47 को ट्राइसाइकिल दी

रेलवे सामुदायिक भवन में हुए विशेष योग्यजन व उपकरण वितरण शिविर समारोह की अध्यक्षता सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने की। कार्यक्रम में विधायक रतन जलधारी, कलेक्टर नरेश ठकराल, बाल कल्याण समिति के रतनलाल मिश्रा भी मौजूद थे। कार्यक्रम में दिव्यांगों के लिए कार्य करने वाले संतोष मूंड, बनवारी कुमावत, सवाईसिंह तंवर, मनोहर टेलर, तैयब अली, दयानंद चेजारा का सम्मान किया गया। सहायक निदेशक ओपी राहड़ ने बताया कि विभिन्न योजनाओं में 108 रजिस्ट्रेशन हुए। वहीं 47 दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल, 12 स्कूटी, 14 व्हील चेयर और चार स्टिक दिए।

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