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दिव्यांगों को 31 मार्च से पहले ही देनी थी ट्राईसाइकिल, लेकिन शिविर ही नहीं लगा

3 वर्ष पहले
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सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की लापरवाही से दिव्यांगों के लिए खरीदी गई ट्राईसाइकिल खुले में होने से कबाड़ बन सकती है। ये ट्राईसाइकिल 31 मार्च से पहले जिले के दिव्यांगों को पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष योग्यजन शिविर लगाकर वितरित होनी थी, लेकिन ये नहीं हो पाया।

जिले में दिव्यांगों के लिए विभाग द्वारा दिसंबर में कानपुर की एलिमिको कंपनी से 200 ट्राईसाइकिल खरीदी गई थी, लेकिन शिविर नहीं लगने से इनका वितरण नहीं हो पाया। मामला सामने आने के बाद अब विभाग अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में शिविर लगाकर उन्हें बांटने की तैयारी कर रहा है।

सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के कार्यालय में 100 के करीब ट्राईसाइकिल खुले में पड़ी हैं। उन्हें सुरक्षित रखने का कोई इंतजाम नहीं है। खुले में रखी होने से इन पर धूल जमी है और धूप में खराब हो रही है। कोई सारसंभाल नहीं होने से इनके पुर्जे बिखरने लगे हैं। संबंधित प्रभारी से जानकारी करने पर उसने बताया कि जगह नहीं होने से इन्हें खुले में रखना पड़ रहा है।

सीकर. कार्यालय में खुले में रखी ट्राईसाइकिलें।

तीन महीने से नहीं लगा शिविर, इसलिए नहीं बंट पाई
जिले के पात्र दिव्यांगों को 31 मार्च से पहले ट्राईसाइकिल वितरित करनी थी, लेकिन तीन महीने से शिविर नहीं लगने के कारण वितरण नहीं हो पाया। विशेष योग्यजन शाखा प्रभारी नरेन्द्र ने दावा किया ट्राईसाइकिल लेने के लिए जिले के किसी दिव्यांग का आवेदन ही नहीं आया। इसलिए नहीं दी। वहीं फतेहपुर और नीमकाथाना में लगे शिविरों में करीब 50-50 ट्राईसाइकिल बांटी गई थी। उसके लिए भी उन इलाकों के सरपंच से संपर्क कर दिव्यांगों को बुलाया गया था।

जिले में पोर्टल पर 19 हजार दिव्यांग पंजीकृत हैं, उन्हें दे सकते थे फायदा | जिले में 21 श्रेणियों में 19 हजार से ज्यादा दिव्यांगो पंजीकृत हैं और उनकी पूरी जानकारी विभाग के पास है। पिछले साल प्रारंभ हुए पोर्टल पर जिले दिव्यांगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। श्रेणीवार डाटा होने के बाद भी विभाग दिव्यांगों के आवेदन नहीं आने की बात कह रहा है। विभाग इस डाटा का उपयोग कर जिले के दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल वितरित कर सकता था। विभाग के गंभीर नहीं होने से वितरण नहीं हो सका। विभाग अब अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में शिविर लगाकर इनका वितरण करने की योजना पर काम कर रहा है।

आवेदन कर तुरंत ले सकते हैं दिव्यांग ट्राईसाइकिल | जिले में ट्राईसाइकिल लेने की चाह रखने वाले पात्र दिव्यांग साधारण आवेदन देकर तुरंत इसे ले सकते हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जिले के 40 प्रतिशत श्रेणी के दिव्यांग जो चल नहीं हो सकते हो और ट्राईसाइकिल चलाने के लिए उनके हाथ ठीक हो। वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र विभाग में उपलब्ध है। आवेदन के साथ आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या वोटर कार्ड की प्रतिलिपि देनी होगी। जांच के बाद पात्र दिव्यांगो को तुरंत ही ट्राईसाइकिल मिल सकती है।

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