पिपराली सरपंच ने पंचायत समिति के भवन को जबरन कब्जा करने व जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का मामला दादिया थाने में दर्ज करवाया है। पुलिस रिपोर्ट में सरपंच नाथूराम ने बताया कि 20 दिसंबर 2004 को आबादी भूमि का एक पट्टा पुलिस चौकी पिपराली के नाम से जारी किया था जो कि थानाधिकारी रघुनाथगढ़ के नाम से जारी किया गया।
कुछ दिन तक चौकी भी अस्थाई रूप से रही। इसके बाद पुलिस थाना रघुनाथगढ़ से दादिया स्थानांतरित होने के बाद पुलिस चौकी रघुनाथगढ़ में स्थापित कर दी गई। भवन से जाब्ता हटा लिया गया, जबकि पुलिस का कब्जा बरकरार रहा। 2008 में तत्कालीन सरपंच ओमप्रकाश मूंड ने बिना किसी इजाजत के भवन को अनधिकृत रूप से गीगराज पुत्र रामचंद्र को किराए पर दे दिया। उसने वहां पर शिव कम्प्यूटर नाम से कम्प्यूटर सेंटर खोल लिया। मामला ध्याने में आने के बाद पंचायत ने किरायानामा निरस्त कर दिया। तुरंत भवन खाली करने के कहा। किराएदार ने भवन खाली नहीं किया तो वह पुलिस जाब्ते के साथ वहां पर पहुंचे तो गीगराज वहां पर नहीं मिला। फोन कर उसे बुलाया तो वह आते ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने लगा। इसके बाद मारपीट करने पर उतारु हो गया।