राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य और कुपोषित बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी अब एडिशनल सीएमएचओ की रहेगी। आरसीएचओ को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। टीकाकरण में कमजोर प्रगति के चलते प्रदेश के सभी आरसीएचओ से इन जिम्मेदारियों को वापस लिया है। स्वास्थ्य निदेशक ने इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य निदेशक ने एडिशनल सीएमएचओ को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, विटामिन ए अभियान, एमटीसी, आयरन फोलिक एसिड वितरण, नेशनल डी-वार्मिंग, गहन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा एवं मां कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी। एडिशनल सीएमएचओ परिवार कल्याण की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।