गुरुवार की रात दूज के चांद के दीदार के साथ ही इबादत का महीना रमजान शुरू हो गया। शुक्रवार से मुस्लिम समाज के लोग पहला रोजा रखेंगे। इस बार हर रोजा 15 घंटे से ऊपर का है। चांद के दीदार के साथ ही मस्जिदों में तरावीह भी शुरू हो गई है। इस्लाम के मुताबिक रमजान का महीना मुसलमानों के लिए सब्र एवं इम्तिहान का खास महीना है। रात के समय मस्जिदों में जाकर रमजान महीने का विशेष तरावीह की नमाज अदा करते हंै।
मस्जिदों में पढ़ी गई तरावीह की नमाज, आज रखेंगे पहला रोजा | मौलाना यूनुस कासमी ने बताया कि बरकत के इस माह में ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में लोग गुजारते हंै। 33 साल बाद इतनी भीषण गर्मी में रमजान पड़ रही है। हर रोजा 15 घंटे से ऊपर का है। सुबह सूरज उगने के डेढ़ घंटे पहले सेहरी की जाती है। इससे पहले इतना लंबा रोजा 1984 में आया था।