पंचायत सहायकों को पंचायतों में जाकर काम करना होगा
प्रदेश के करीब 24 हजार ग्राम पंचायत सहायकों को दो-दो जगह काम करना पड़ा है। इसके बाद भी उन्हें छह हजार रुपए महीना ही मानदेय मिल रहा है। इनकी नौकरी भी अस्थाई है। सरकार ने प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर ग्राम पंचायत सहायकों की भर्ती पिछले साल कराई थी। नियुक्ति के वक्त ग्राम पंचायत सहायकों का कार्य स्थल ग्राम पंचायत मुख्यालय रखा था, लेकिन कुछ दिनों में ही स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्यस्थल बदलकर संबंधित पीईईओ के अधीन कर दिया। अब स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव ने 19 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के कारण इन्हें ग्राम पंचायत कार्यों में सहयोग के लिए जाने के निर्देश जारी कर दिए। गर्मी की छुट्टियां निरस्त होने के बाद इन्हें फिर से पीईईओ कार्यालय जाना होगा। इस फैसले को लेकर पंचायत सहायक विरोध जता रहे हैं। सरकार से कार्यस्थल एक ही स्थान पर किए जाने तथा मानदेय बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि सरकार ने एक वर्ष के लिए पंचायत सहायकों पिछले साल मई में नियुक्ति दी गई थी, लेकिन कार्य संतोषजनक होने की शर्त पर ग्राम पंचायत सहायकों का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है।