वाहनो में 50 हजार कीमत का माल लेकर उसका विक्रय करने वाले कारोबारियों को उसके लिए ई-वे बिल जनरेट करना होगा। सरकार द्वारा 20 मई से प्रदेश में लागू होने वाले इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में ऐसे कारोबारियों को भी शामिल किया गया, जिनके माल की खरीद करने वालों की स्थाई पहचान नहीं होती है। प्रारंभिक तौर पर इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू हाेने से कारोबारियों की परेशानियां बढ़ने की संभावना है। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में 10 कैटेगरी बनाकर कारोबारियों को शामिल किया गया है।