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निजी डॉक्टरों ने दिन में सद्‌बुद्धि यज्ञ किया, देर रात बंद कर दिया मरीजों का निशुल्क इलाज

3 वर्ष पहले
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निजी हॉस्पिटल संचालकों ने मंगलवार दोपहर को जयपुर इंश्योरेंस कंपनी ऑफिस के सामने सद्‌बुद्धि यज्ञ किया। यज्ञ में मंत्राेच्चार की जगह डॉक्टरों ने बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। संकल्प लिया कि जब तक इंश्योरेंस कंपनी उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों ने रात 12 बजे बाद लाभार्थी मरीजों का मुफ्त में इलाज बंद कर दिया। लाभार्थी मरीज इलाज के लिए एक-दूसरे हॉस्पिटल के बीच चक्कर लगाते रहे।

भामाशाह प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. बीएल रणवां ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनी निजी अस्पतालों को जान बूझकर परेशान कर रही है। खामियां बताकर डी-पेनल्ड किया जा रहा है। बेवजह छह माह से ज्यादा क्लैम अटका रखे हैं। डॉ. रणवां ने बताया कि जिले के 50 निजी हॉस्पिटल योजना से जुड़े हुए हैं। सभी निजी हॉस्पिटलों में योजना का बहिष्कार किया जाएगा। मंगलवार रात 12 बजे एक भी हॉस्पिटल लाभार्थी मरीजों का मुफ्त में इलाज नहीं करेंगे। निजी हॉस्पिटल लाभार्थी मरीजों को भर्ती नहीं करेंगे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि कलेक्टर को बहिष्कार संबंधी पत्र सौंप दिया गया है। निजी डॉक्टरों के आंदोलन को दूसरे जिलों से भी समर्थन मिला है। चूरू, नागौर और झुंझुनूं के निजी हॉस्पिटल संचालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे। अलवर के निजी डॉक्टरों ने भी लाभार्थी मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।

सीकर. सद्धबुद्धि यज्ञ करते अस्पताल के लोग

अस्पताल संचालक बोले-सभी मांगंे नहीं मानने तक करेंगे आंदोलन

भामाशाह प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन की मांग पर इंश्योरेंस कंपनी ने क्लैम स्वीकृत करने शुरू कर दिए हैं। निजी हॉस्पिटलों के अटके पैसे बैंक खातों में रिलीज किए जा रहे हैं। डॉ. बीएल रणवा ने बताया कि अटका पैसा रिलीज करने के अलावा भी कई मांगें हैं। जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

एसके में 79 स्पेशलिस्टों की टीम, जांच भी मुफ्त | भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी मरीज एसके हॉस्पिटलों में भी पहुंचकर मुफ्त इलाज करा सकते हैं। एसके में 79 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम मौजूद है। सर्जरी, गायनिक, मेडिसिन, आॅर्थोपेडिक्स, ईएनटी, मनोरोग, पीडियाएट्रिक विंग में 15 साल से ज्यादा अनुभवी डॉक्टर मौजूद हैं। जांचों की सुविधा मुफ्त है।

भास्कर संवाददाता | सीकर

निजी हॉस्पिटल संचालकों ने मंगलवार दोपहर को जयपुर इंश्योरेंस कंपनी ऑफिस के सामने सद्‌बुद्धि यज्ञ किया। यज्ञ में मंत्राेच्चार की जगह डॉक्टरों ने बीमा कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। संकल्प लिया कि जब तक इंश्योरेंस कंपनी उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। डॉक्टरों ने रात 12 बजे बाद लाभार्थी मरीजों का मुफ्त में इलाज बंद कर दिया। लाभार्थी मरीज इलाज के लिए एक-दूसरे हॉस्पिटल के बीच चक्कर लगाते रहे।

भामाशाह प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. बीएल रणवां ने बताया कि इंश्योरेंस कंपनी निजी अस्पतालों को जान बूझकर परेशान कर रही है। खामियां बताकर डी-पेनल्ड किया जा रहा है। बेवजह छह माह से ज्यादा क्लैम अटका रखे हैं। डॉ. रणवां ने बताया कि जिले के 50 निजी हॉस्पिटल योजना से जुड़े हुए हैं। सभी निजी हॉस्पिटलों में योजना का बहिष्कार किया जाएगा। मंगलवार रात 12 बजे एक भी हॉस्पिटल लाभार्थी मरीजों का मुफ्त में इलाज नहीं करेंगे। निजी हॉस्पिटल लाभार्थी मरीजों को भर्ती नहीं करेंगे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि कलेक्टर को बहिष्कार संबंधी पत्र सौंप दिया गया है। निजी डॉक्टरों के आंदोलन को दूसरे जिलों से भी समर्थन मिला है। चूरू, नागौर और झुंझुनूं के निजी हॉस्पिटल संचालकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे। अलवर के निजी डॉक्टरों ने भी लाभार्थी मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।

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