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बावड़ी की सफाई के लिए युवा आए आगे, दो घंटे किया श्रमदान

3 वर्ष पहले
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नगर की 200 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर बावड़ी को पुराने रूप में लाने के लिए सफाई अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन की पहल पर चलाए जा रहे बावड़ी के सफाई अभियान को सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। बुधवार से प्रारंभ हुए सफाई अभियान में नागरिकों द्वारा सक्रिय भागीदारी की जा रही है।

ऐतिहासिक बावड़ी को बचाए जाने के लिए की जा रही कवायद के तहत रविवार को जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष संजू बनारसी के साथ नगर के युवाओं ने सुबह के समय करीब 2 घंटे तक श्रमदान किया। श्रमदान के दौरान बावड़ी से मलबे को तगाड़ी में भर कर बाहर निकाला गया। संजू बनारसी के साथ ही अभाविप के ऋषि गुप्ता, विक्रांत सोनी, प्रदीप कुशवाहा के अतिरिक्त कमलेश जाटव, डा. रेहान, आरिफ खान आदि के द्वारा भी कई तगाड़ी मलबा बाहर निकाला गया। बीते 5 दिन से बावड़ी सफाई अभियान चलाया जा रहा है। समाज के प्रत्येक वर्ग स्वयंसेवी संस्थाओं के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों के द्वारा सफाई का कार्य किया जा रहा है। बावड़ी का इतिहास करीब 20 साल पुराना होना बताया जा रहा है। हालांकि वर्तमान मे किसी के पास स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि बावड़ी दा सौ या इससे अधिक साल पुरानी है। लेकिन बुजुर्ग व सम्माननीय लोगों के द्वारा बावड़ी को दो सौ साल से अधिक होना बताया जा रहा है।

एक समय शहर में हाेती थी जल सप्लाई : एक समय था जब बावड़ी से नगर में पेयजल की सप्लाई की जाती थी। गर्मियों के मौसम में दिन में दो बार सुबह व शाम के समय पानी की सप्लाई नगर में की जाती थी। यहां तक कि लोग बर्तन लेकर बावड़ी से पानी भर कर लाते थे। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही व नागरिकों के द्वारा ऐतिहासिक धरोहर बावड़ी की तरफ ध्यान ना दिए जाने क कारण नगर की पहचान कही जाने वाली धरोहर ना केवल क्षतिग्रस्त हो गई। बल्कि नगर में पेयजल की सप्लाई भी बंद हो गई। हालांकि बीते सालों में नागरिकों के द्वारा सफाई अभियान भी चलाया गया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों व स्वयं सेवी संस्थाओं तथा नगरवासियों का अपेक्षित सहयोग ना मिल पाने के कारण सफाई अभियान मात्र औपचारिक होकर दो तीन दिन चल कर समाप्त हो गया।

जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष के साथ युवाओं ने तगाड़ी से निकाला मलबा

200 साल पुरानी है बावड़ी, पुरानी स्वरूप में लाने शुरू किया सफाई अथियान

प्राचीन बावड़ी की सफाई कर रहे हैं शहर के युवा

प्रशासन की पहल पर चल रहा है सफाई अभियान

प्रदेश सरकार के द्वारा प्राचीन व प्राकृतिक जल स्रोतों को सहेजने व जल संरक्षण किए जाने के निर्देश दिए जाने के साथ स्थानीय प्रशासन के अधिकारी सक्रिय हो गए। इसी के तहत एसडीएम अनिल जैन व तहसीलदार सुशील कुमार के द्वारा जीर्णोद्धार के लिए तरसती बावड़ी का निरीक्षण किया। उन्‍होंने सामाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं व नागरिकों की बैठक आयोजित कर बावड़ी सफाई अभियान की योजना को मूर्त रूप दिया गया। मूर्त रूप देने के साथ ही सफाई अभियान प्रारंभ किया गया। जो कि पांच दिन से लगातार चल रहा है।

नगर की प्यास बुझाती थी बावड़ी, अब हुई क्षतिग्रस्त

प्राकृतिक जल स्त्रोत बावड़ी से ही बीते वर्षों में नगर के बाशिंदों को पेयजल मुहैया कराया जाता था, लेकिन बावड़ी का उचित सरंक्षण ना होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही सफाई ना कराए जाने से कचरे के ढेर बावड़ी में लगने लगे। और धीरे धीरे बावड़ी का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है।

नप ने बनाई कार्य योजना

नगर परिषद के द्वारा 200 साल पुरानी बावड़ी को बचाए जाने, जीर्णोद्धार कराए जाने व पुराने स्वरूप में लाए जाने को लेकर कार्य योजना बनाई गई है। करीब 30 लाख रुपए की कार्य योजना को शासन के पास स्वीकृति के लिए नगर परिषद के द्वारा भेजा गया है। मुकेश राय, अध्यक्ष नगर परिषद सिलवानी

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