जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पारा लीगल वोलेंटियर्स के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का उदघाटन गुरुवार को व्यवहार न्यायालय में किया गया। उदघाटन प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज विजय कुमार शर्मा और जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर पीडीजे ने कहा कि पारा लीगल वोलेंटियर्स आमजनों और विधिक सेवा संस्थाओं के बीच एक कड़ी है। गांव स्तर पर वे निवास करते हैं इसलिए उन्हें गांव के लोगों की समस्याओं के बारे जानकारी हैं। ग्रामीण अपनी समस्याओं को पीएलवी के समक्ष रखें उन समस्याओं को उचित मंच में लाकर पीएलवी समाधान कराएं। पीएलवी आमजनों की आर्थिक व सामाजिक समस्याओं को भी दूर करने में योगदान दें। वे जनसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पीएलवी को अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है। प्राधिकार की सफलता पीएलवी की ऊर्जा पर निर्भर है। कार्यशाला के पहले दिन सिमडेगा कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रोशन टेटे ने संविधान के आधारभूत संरचनाओं के बारे में जानकारी दी। प्राधिकार के सचिव अमित कुमार वैश्य ने पारा लीगल वोलेंटियर्स की कार्य प्रणाली और उनकी भूमिकाओं के बारे विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मधुरेश कुमार वर्मा ने आपराधिक विधि के आधारभूत बातों के बारे में बताया। कार्यक्रम में एसडीजेएम आलोक कुमार, जेएम एसएस तिर्की, डीएसपी प्रदीप उरांव सहित कई लोग मौजूद थे। कार्यशाला में 24 पीएलवी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का समापन शनिवार को होगा।