सिमडेगा | प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार शर्मा की अदालत ने डायन प्रतिषेध अधिनियम के मामले में तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। बताया गया कि गत सात मार्च की शाम में डायन-बिसाही का आरोप लगाते हुए जलडेगा की पतिअंबा निवासी यशोदा देवी को गांव के ही दुर्जन महतो, सीता देवी और सुदेश महतो ने प्रताड़ित किया था। तीनों पर आरोप है कि डायन का आरोप लगाकर यशोदा के साथ मारपीट, चापाकल से पानी लाने वाला रास्ता बंद करने तथा गांव में होने वाले सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में यशोदा ने परिवाद पत्र दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी। परिवाद पत्र के आलोक में तीनों के खिलाफ जलडेगा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों ने पीडीजे की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।