सामटोली महतो टोली और खिजरी के ग्रामीणों की बैठक शनिवार को खिजरी पहाड़ी पर हुई। बैठक में नगर परिषद की ओर से निर्माण कराए जाने वाले पार्क का विरोध किया गया। बैठक में कहा गया कि नप अध्यक्ष द्वारा खिजरी पहाड़ी पर पार्क का निर्माण कराया जाएगा। खिजरी पहाड़ी मवेशियों का चारागाह है। पार्क बनाने से चारागाह के लिए समस्या होगी। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी हाल में खिजरी पहाड़ी में पार्क नहीं बनने देंगे। अगर यहां पार्क का निर्माण हो गया तो मवेशियों को चराने में लोगों को परेशानी होगी। बैठक की अध्यक्षता करते हुए तारसियुस मिंज ने कहा कि जिस पहाड़ी पर पार्क निर्माण किया जाना है, वहां ग्रामीण अपने मवेशियों को चराते हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि कुरडेग-सिमडेगा पथ के चौड़ीकरण के लिए हाल ही में ग्रामीणों से 60-60 फीट जमीन अधिग्रहित की गई थी। अब विभाग पुन: 40-40 फीट जमीन मांग रही है। इस बार किसी भी हाल में ग्रामीण अपनी जमीन नहीं देंगे। जमीन की रक्षा के लिए ग्रामीण हर स्तर पर जाएंगे। नील जस्टिन बेक ने कहा कि किसी भी हाल में पार्क और सड़क निर्माण के लिए एक इंच भी जमीन नहीं देंगे। अगर ऐसा होता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में अगुस्टीना सोरेंग, पिलगिरिम डुंगडुंग, विजय राम, अनिमा तिर्की, जोशिमा खलखो, सेलेस्ता खेस्स, गुलाब खलखो, किरण मिंज, प्रदीप खेस्स, अब्राहम लकड़ा, अजय बड़ाईक, समीर, बिजू बड़ाईक, जकरियस, ओलिवर टोप्पो, गोडविन, मेरी सुचित तिर्की, फुलजेंसिया तिर्की, शुचिता सहित कई लोग मौजूद थे।