बच्चों को पढ़ाएं व अपनी संस्कृति नहीं भूलें लोग
मुंडा समाज की बैठक में शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
भास्कर न्यूज | सिमडेगा
अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में मंगलवार काे मुंडा समाज की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विमर्श किया गया। इस मौके पर जोलेन हेमरोम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने बच्चों को बाहर के विद्यालयों में भेज रहे हैं। यह सकारात्मक कदम है। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने से समाज का विकास होगा। उन्होंने कहा कि यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि हम अपनी सभ्यता संस्कृति को नहीं भूलें। समाज के सभी वर्गों सहित बच्चों को भी कला संस्कृति से जोड़कर रखने की जरूरत है। आधुनिक गीत संगीत से लोग जुड़ रहे थे। पिछले कुछ दिनों में समाज द्वारा किए गए प्रयास के बाद लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ने में कुछ सफलता मिली है। लोग पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल करें। शादी-विवाह और अन्य उत्सवों पर पारंपरिक नृत्य का आयोजन करें। इससे संस्कृति का विकास होगा। वक्ताओं ने भी कहा कि समाज के लोग भले ही अलग-अलग धर्मों को मानें लेकिन सामाजिक रीति रिवाज और नियम कानूनों को सुरक्षित रखने में सभी को सहभागिता निभानी है। 22 पड़हा द्वारा पारंपरिक शासन व्यवस्था को विस्तार दिया जाए। अध्यक्षता अल्फोंस मुंडू ने और धन्यवाद ज्ञापन तरसियुस मुंडा ने किया। बैठक में अल्फोंस मुुंडू, जीवन मुंडा, जकरिया मुंडा, जोरगो मुंडा, जोहन लुगुन, शनिका पाहन, बरनाबस सुरीन व राहिल जोजो आदि उपस्थित थे।