अदिवासी गीत संगीत व नृत्य को बचाने के लिए जुटे 150 कलाकार
भास्कर न्यूज | सिमडेगा
आदिवासी गीत संगीत, नृत्य और संस्कृति को बचाए रखने के लिए केरसई प्रखंड के गडबासेन में टैलेंट हंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूरे जिले से बड़ी संख्या में नए पुराने कलाकार अपनी प्रस्तुति के साथ मंच पर उतरे। गीत संगीत का सुंदर समा बंधा तथा कई पुराने आदिवासी गीतों और लोक संस्कृति से जुड़े नृत्य की सुंदर प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। मशाल सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डेढ़ सौ कलाकार शामिल हुए।
कलाकारों के साथ साजिंदे भी मंच पर उपस्थित थे। अपने संबोधन में मशाल संस्था के अध्यक्ष मोहन बड़ाईक ने कहा कि ओएनजीसी ने इलाके में आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने तथा लोगों की गौरवशाली विरासत को बचाकर पुरानी लोकनृत्य और गीत पद्धति को जीवित रखने का कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पुराने कलाकारों के द्वारा गीत संगीत छोड़ते जाने के बाद नए कलाकार अपनी प्राचीन परंपराओं से जुड़े गीत संगीत को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।
इसे देखते हुए पुराने कलाकारों को मंच पर जुटाया जा रहा है तथा उनके माध्यम से पुरातन संस्कृति को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव भी इस दिशा में संस्था को सहयोग दे रहे हैं तथा जिलास्तर पर भी जल्द ही मंत्री उरांव की मौजूदगी में कार्यक्रम किया जाएगा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रोजिना बक्कर, अमृता रश्मि, महावीर साहू, बबलू मेहर, अशोक मेहर, पौलुस खाखा, विष्णु प्रसाद, सीता देवी, ओमप्रकाश प्रसाद, पवन बड़ाईक, नवीन बड़ाईक, कृष्णा बड़ाईक, नवीन बड़ाईक, प्रवीण सहित क्षेत्र के कई लोग मौजूद थे।