महानगरों से सिमडेगा के रिश्ते को मजबूत कर रही लीची
जिले के कोचेडेगा में उत्पादित होने वाली जायकेदार लीची महानगरों और अन्य राज्यों के साथ रिश्ते की डोर को मजबूत कर रही है। यहां के लीची की मांग ओड़िशा समेत मुंबई में भी है। इस वर्ष लीची दिल्ली भी भेजी गई है। कोचेडेगा में मिलने वाली शाही लीची मुजफ्फरपुर की शाही लीची की तरह ही लोकप्रिय होती जा रही है। कोचेडेगा निवासी रोनाल्ड गांधी लकड़ा ने बताया कि उसके लीची के दो बागान हैं। जिसमें पांच दर्जन पेड़ लगे हैं।
लीची की मांग इतनी बढ़ गई है कि गर्मी की शुरुआत में ही पेड़ों में फूल लगते ही इन्हें बुक कर लिया जाता है। कई स्थानीय लोग और बाहर से आने वाले व्यापारी ऊंची कीमत देकर इनकी खरीदारी कर रहे हैं। सिमडेगा के कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले से ही लीची के लिए एडवांस दे रखा था। चार-पांच हजार रुपए से लेकर दस हजार रुपए तक की लीची की खरीदारी कर वे इन्हें पड़ोसी राज्यों में अपने रिश्तेदारों के पास भेजते हैं। रोनाल्ड ने बताया कि इस वर्ष भी लीची का उत्पादन काफी अच्छा हुअा है और इससे उन्हें आय हो रही है। बागान में कई किस्म की लीची उपलब्ध है। इनमें से शाही लीची की मांग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि पेड़ों में फूल लगने के बाद खास ध्यान रखना पड़ता है। पेड़ों की पटवन की जाती है और फूलों में स्प्रे भी करना पड़ता है ताकि यह सुरक्षित रहें। रोनाल्ड की प|ी फिलोमीना अौर परिवार के दस अन्य सदस्य भी पूरी मेहनत करते हैं।