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मां के दूध से बच्चों में बढ़ती है रोग से लड़ने की क्षमता

3 वर्ष पहले
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विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन समारोह का आयोजन मंगलवार को नगर भवन में किया गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों की मुंहजुठी कराई गई। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने रैली निकालकर महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक किया। मुख्य अतिथि उपायुक्त जटाशंकर चौधरी ने कहा कि मां का दूध श्रेष्ठ ही नहीं जीवन रक्षक भी होता है। मां के दूध से बच्चों में बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। छह महीने तक बच्चों को मां के दूध के अलावा किसी भी चीज का सेवन नहीं कराना चाहिए। सबसे ज्यादा पोषक तत्व मां के दूध में होते हैं जो बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है।

आंगनबाड़ी सेविका - सहायिका अपने क्षेत्र में महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करें। संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए डीसी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका यह सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य केंद्र से दूर के इलाके की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दो-तीन दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराएं और उसपर खास ध्यान दें। महिला एवं बाल विकास के मानकों पर खरा उतरने की कोशिश करें। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एहतेशामुल हक समेत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष, समिति सदस्य, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका मौजूद थे।

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