झुंझुनूं | यौन हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम प्रकरण न्यायाधीश नीरजा दाधीच ने एक नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी खेतड़ी के बाडलवास निवासी रामोतार गुर्जर को सात वर्ष के कठोर कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया है। सिंघाना थाने में 24 मई 2016 को डूमोली के व्यक्ति ने रिपोर्ट दी थी कि उसकी नाबालिग बहन को उसकी चाची ने रामोतार के साथ भगा दिया। पुलिस ने रामोतार के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। विशेष लोक अभियोजक नंद किशोर शर्मा ने बताया कि इस्तगासा पक्ष ने 16 गवाहों के बयान करवाए। न्यायाधीश ने रामोतार को उक्त सजा के साथ यौन हिंसा से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत भी सात वर्ष का और कठोर कारावास व पांच हजार रुपए अर्थदंड तथा धारा 366 में भी सात वर्ष का कठोर कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलेंगी। न्यायालय ने यह भी आदेश कि इस अपराध के कारण पीड़िता को हुई शारीरिक, मानसिक क्षति के बदले राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के नियमों के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उचित मुआवजा प्रदान कराए।