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दो साल बाद अब ट्रोमा सेंटर में सीआर्म मशीन लगाने की तैयारी, होंगे हडि्डयों के ऑपरेशन

3 वर्ष पहले
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विशेषज्ञों के अनुसार सी आर्म मशीन हड्‌डी से जुड़े आॅपरेशन के काम में आती है। इस मशीन के जरिए डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान हड्‌डी या अंदर की जगह को स्क्रीन पर देख पाते हैं। इसके जरिए माइनर से लेकर बड़ा ऑपरेशन किया जा सकता है। कौनसा स्क्रू, रोड, कहां डालनी है ये इस मशीन के आधार पर ही लगाए जाते हैं।

ट्रोमा सेंटर में औसतन हर माह 15 मरीजों को पड़ती है ऑपरेशन की जरूरत

भास्कर न्यूज | सिरोही

दो साल बाद अब जिला अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में सीआर्म मशीन लगाई जाएगी। सीआर्म मशीन के बिना यहां पहुंचने वाले हड्डी रोगियों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे थे। एक्सीडेंटल जोन में शामिल सिरोही शहर में हर माह औसतन 15-20 अस्थि रोगियों को ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है। लेकिन, यहां सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट नहीं होने से मरीजों को मजबूरन रेफर करना पड़ता है। ऐसे में दो-दो अस्थि रोग विशेषज्ञ होने के बावजूद मरीजों को ट्रोमा सेंटर का फायदा नहीं मिल रहा था। ट्रोमा सेंटर शुरू होने के बाद से यहां सीआर्म मशीन का मुद्दा उठ रहा था।

अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की जरूरत को देखते हुए इसके लिए प्रयास किए। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक ओटाराम देवासी ने अपने विधायक कोटे से 12 लाख रुपए दिए है। अन्य रुपयों की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की ओर से राजस्थान रिलीफ मेडिकल सोसायटी से करेगा। अस्पताल प्रशासन गुरुवार को ऑनलाइन ई टेंडर आमंत्रित करेगा और जो फर्म सबसे कम बोली लगाएगी उसे टेंडर दिया जाएगा। अगले माह तक ट्रोमा सेंटर में सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट स्थापित की जाएगी।

सीआर्म मशीन के लिए ई टेंडरिंग आज, अगले माह तक लग जाएगी मशीन

केवल भवन बनाया, मशीनरी की सुविधा नहीं

सरकार ने जिला अस्पताल परिसर में ट्रोमा सेंटर बना दिया, लेकिन इसके संचालन के लिए मशीनरी की सुविधा नहीं दी। जानकारी के अनुसार ट्रोमा सेंटर भवन व मशीनरी समेत पांच करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ था। जिसमें से तीन करोड़ भवन और डेढ़ करोड़ मशीनरी के लिए था। पड़ोसी जिला जालोर में इसी बजट में ट्रोमा सेंटर भवन व मशीनरी दोनों सुविधाएं मुहैया कराई गई, लेकिन हमारे तत्कालीन समय में अस्थिरोग विशेषज्ञ नहीं होने से केवल भवन ही बनाया।

आज करेंगे टेंडर, अगले माह लगेगी मशीन

सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट की जरूरत महसूस की रही थी। इसके लिए क्षेत्रीय विधायक ओटाराम देवासी ने अपने विधायक कोष से 12 लाख रुपए दिए है। बाकी रुपयों की व्यवस्था मेडिकल रिलीफ सोसायटी के फंड से करेंगे। -डॉ. दर्शन ग्रोवर, पीएमओ, जिला अस्पताल, सिरोही

मशीन के बिना नहीं हो रहे थे ऑपरेशन

ट्रोमा सेंटर में हर माह औसतन 15-20 अस्थि रोगियों को ऑपरेशन की जरूरत होती है। लेकिन, सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट नहीं होने से चाहकर भी ऑपरेशन नहीं कर पा रहे थे। अब मरीजों को इसके लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। -डॉ. मोहनलाल निठारवाल, अस्थिरोग विशेषज्ञ, सिरोही

क्या है सीआर्म मशीन

अस्थिरोग विशेषज्ञ होने के बावजूद रेफर हो रहे मरीज

हमारे यहां ट्रोमा सेंटर में दो-दो अस्थिरोग विशेषज्ञ कार्यरत होने के बावजूद मशीनरी नहीं होने से अस्थि रोगियों को रेफर करने का सिलसिला नहीं रुका। हालांकि, अस्थिरोग विशेषज्ञ कई बार अपने स्तर पर रिस्क लेकर छोटे-मोटे ऑपरेशन करते हैं, लेकिन मेजर ऑपरेशन के लिए सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट जरूरी है। खासतौर पर हादसों में गंभीर घायलों को रेफर करने से कई बार उनकी रास्ते में ही मौत हो जाती है।

काफी मुश्किलों के बाद अब राहतभरी खबर

अस्पताल प्रशासन सीआर्म मशीन समेत ऑपरेशन टेबल और डबल डोम लाइट के लिए सालभर से प्रयासरत है। इसके लिए भामाशाहों व जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया। क्षेत्रीय विधायक ओटाराम देवासी ने 12 लाख रुपए की मंजूरी दी। अस्पताल प्रशासन अपने स्तर पर सीधे बाजार से इसे खरीदने की तैयारी में था, लेकिन मुख्यालय ने इसको सरकारी रेट पर खरीदने के लिए ई टेंडरिंग करने को कहा। इस बीच जीएसटी लगने से मशीन की कीमत करीब 8 लाख रुपए और बढ़ गई। जिला प्रशासन की सहमति पर आठ लाख रुपए मेडिकल रिलीफ सोसायटी से खर्च करने का निर्णय हुआ। ई टेंडरिंग के लिए दो डिजिटल हस्ताक्षर की जरूरी होने से पीएमओ और जूनियर अकाउंटेंट ने इसकी पूर्ति की। अब जाकर गुरुवार को ई टेंडर होंगे और अगले माह मशीनरी स्थापित होगी।

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