फिर मिलने के वादे के साथ गौतम ऋषि मेले से लौटे श्रद्धालु
मीणा समाज के आराध्यदेव गौतम ऋषि महादेव का तीन दिवसीय मेला रविवार शाम को विसर्जित हुआ। मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा इष्ट देव की पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की। मेले में मीणा समाज के लोग अपने परिजनों के साथ 13 अप्रैल को पहुंचे थे। दूसरे दिन मेले में आराध्यदेव को भोग लगाया। इसके बाद दिनभर मेले का लुप्त उठाया। हाट बाजार में खरीदारी की और झूलों व अन्य मनोरंजन के संसाधनों का लुप्त उठाया। मेले में समाज के पंचों की ओर से लिए निर्णय की पालना करते हुए रात 8 बजे के बाद सभी महिलाएं और बालिकाएं अपनी एताईयों पर पहुंची। मेला स्थल पर शाम से सुबह तक हाट बाजार में लोगों की चहल-पहल रही। छीबागांव, चोटिला, राड़बर, पोसालिया के मार्गों व पोसालिया से शिवगंज और सिरोही की ओर ट्रेक्टरों, बैलगाडिय़ों, ऊंटगाड़ियों की कतार लग गई थी। मेले में बीमार व्यक्तियों के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से लगाए कैम्प में 955 मरीजों का उपचार किया गया, जिसमें 9 मरीजों की स्थिति नाजुक होने पर उन्हें जिला मुख्यालय को रैफर किया गया।
समाज ने स्थापित किया था खुद का कंट्रोल रूम : मेले की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में समाज की ओर से कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था, वहां से माइक पर सूचना और किसी मेलार्थी का सामान गुम होने की जानकारी दी गई। मेला स्थल पर समाज के कार्यकर्ताओं को निगरानी के लिए जगह-जगह लगाया गया था। गुम हुआ सामान किसी को मिलने पर उसे तुरंत कंट्रोल रूम पर पहुंचा कर उसकी जानकारी दी गई, फिर भी उसे कोई लेने नहीं पहुंचता है तो वह सामान मंदिर ट्रस्ट के पास ही सुरक्षित रहता है।
सड़कों पर लगी वाहनों की लंबी कतार
पोसालिया व सुमेरपुर के रोडवेज व निजी बस स्टैंडों पर मेले से आए लोगों की भीड़ रही। एक साथ मेलार्थियों के पहुंचने से कई लोगों को बसों व टैक्सियों के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं छीबागांव व राडबर गांव के पास मार्ग पर देर रात तक वाहनों का आगमन जारी रहा। मीणा समाज के लोग अपने घरों की ओर रवाना होने के पहले एताईयों पर अपने सगे-संबंधियों व जवाइयों से मिले और उन्हें घर आने के लिए न्यौता भी दिया। मेला करीब 3 किमी की परिधि में लगा।
मेले का समापन
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शिवगंज. गौतम ऋषि महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लोगों की भीड़ रही।