मंजूरी के बावजूद जिले की आधी गोशालाओं को एक माह बाद भी नहीं मिला अनुदान
भास्कर न्यूज | सिरोही/शिवगंज
राज्य स्तर पर मंजूरी के बावजूद जिले की आधी गोशालाओं को एक माह बाद भी अनुदान नहीं मिल पाया है। जिससे गर्मी के मौसम में उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। इन दिनों चारे और पानी की खपत व कीमत दोनों बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में ये गोशालाएं उधार लेकर अपना काम चला रही है। गोशालाओं को अनुदान मंजूर करने के लिए 3 महीने पहले राज्य स्तरीय गोवंश अधिभार उपयोग सलाहकार समिति की बैठक हुई थी। जिसमें लिए निर्णय के अनुसार गोपालन विभाग के उप शासन सचिव के आदेश की अनुपालना में गत 12 मार्च को जिले की गोशालाओं के लिए अनुदान स्वीकृत हुआ था। लेकिन, एक माह बीत जाने के बाद भी अनुदान के लिए पात्र जिले की 18 गोशालाओं में से केवल 9 गोशालाओं को ही अनुदान मिल पाया है। इधर, पशुपालन विभाग के अधिकारियों की माने तो बजट के अभाव में गोशालाओं को अनुदान नहीं मिल पाया है। जिले में 200 से अधिक पशुओं की संख्या वाली कुल 18 पात्र गोशालाएं है। करीब एक महीने पहले सद्गुरु गौशाला सेवा समिति बड़गांव , गणेश गौशाला सेवा समिति सिलदर, लीलाधारी गौशाला संस्थान मंडार, रामजी गौशाला सेवा समिति पालडीएम, करणेश्वर महादेव प्राणी सेवा समिति पिंडवाड़ा, सूरी प्रेम जीव रक्षा केंद्र संस्थान परलाई, कांशी विश्वनाथ गौशाला सेवा समिति सरूपगंज, आदेश्वर गोसेवा समिति कोलरगढ़, सुमति जीव रक्षा केंद्र पावापुरी को तो अनुदान राशि दे दी है, जबकि शेष रही सभी गोशालाओं को अभी तक अनुदान नहीं मिला है।
12 मार्च को जारी हुई थी जिले की गोशालाओं के लिए अनुदान की स्वीकृति
जिले में गोशालाओं की स्थिति
55 गोशालाएं है पूरे सिरोही जिले में।
18 गोशालाओं के लिए अभी तक स्वीकृत हुआ अनुदान।
9 गोशालाओं को ही मिला अब तक।
37 गोशालाओं में 200 से कम गोवंश, इसलिए अनुदान स्वीकृत नहीं।
इतना मिलता है अनुदान
सरकार की ओर से पात्र गोशाला को 90 दिन का दिया है अनुदान।
तीन वर्ष व इससे अधिक आयु के प्रति पशु 32 रुपए।
तीन वर्ष से छोटे प्रति पशु के लिए 16 रुपए।
90 दिनों की दी है अनुदान की स्वीकृति
जिन गोशालाओं में न्यूनतम 200 गोवंश पल रहा है, उनको अनुदान के लिए राज्य सरकार ने पात्र माना गया है एवं इससे कम गोवंश की संख्या होने पर संबंधित गोशाला को अनुदान की श्रेणी में नहीं रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से इसमें तीन वर्ष या इससे अधिक आयु के प्रति बड़े पशु के 32 रुपए व तीन वर्ष से कम या इससे छोटे पशु के 16 रुपए के हिसाब से 90 दिन का अनुदान देने की स्वीकृति जारी की गई थी।
अनुदान नहीं मिलने से विशेषकर छोटी गोशालाओं के संचालकों को अधिक परेशानी हो रही है। कई बार तो चारा खरीदने के लिए उधार पैसे लाने पड़ते है। जिले में आधी गोशालाओं को तो एक महीने पहले अनुदान दे दिया है, जबकि शिवगंज गौशाला को अनुदान नहीं मिला है। -फतेहसिंह राव, अध्यक्ष, श्रीराम कृष्ण गोपाल प्राणी सेवा समिति, शिवगंज
जिले में 18 गोशालाएं अनुदान की पात्र है, जिसमें 9 गोशालाओं को अनुदान राशि दे दी है, जबकि बजट के अभाव में 9 गोशालाओं को अनुदान देना अभी शेष रहा है। मार्च महीने में राज्य सरकार से बजट मांग लिया था, बजट आते ही शेष रही सभी गोशालाओं को अनुदान राशि वितरण कर दी जाएगी। -जगदीश बरवड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, सिरोही
इनको नहीं मिला अनुदान
जिले में श्रीराम कृष्ण गोपाल प्राणी सेवा समिति गोशाला शिवगंज, अर्बुदा गोशाला सिरोही, श्री सौदरा माता गोशाला उड़, श्री अंबिका गोशाला सेवा समिति जावाल, श्री भाग्यवंती जीव रक्षा केंद्र दांतराई समेत 9 गोशालाओं को अभी तक अनुदान नहीं मिला है। अनुदान राशि नहीं मिलने से संचालकों को काफी परेशानियां हो रही है।
जिले में पंजीकृत 55 गोशाला
जिलेभर में गोवंश का पालन-पोषण करने वाली 55 पंजीकृत गोशालाएं है, लेकिन उसमें 37 गोशालाओं में 200 से कम पशुओं की संख्या होने से उन्हें अनुदान की श्रेणी में नहीं लिया गया है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से छोटी गोशालाओं को अनुदान नहीं दिए जाने से इनके संचालकों के सामने भी गर्मी के शुरू होते ही गोवंश के लिए चारे-पानी की व्यवस्था करने में ओर अधिक परेशानी हो गई है।