नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी रणछोड़ को दस साल की सजा
नाबालिग से दुष्कर्म के एक दो साल पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी को तीन अलग अलग धाराओं में अलग अलग सजा सुनाई गई हैं। ये सभी सजा एक साथ चलेगी। जिसमें धारा 363 के तहत सात साल, धारा 366 के तहत दस साल और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत दस साल की सजा सुनाई गई है। मामले के अनुसार 4 मई 2016 को पीडि़ता के पिता ने कालंद्री थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी 16 साल की बेटी को रात के समय आरोपी मेर मांडवाडा निवासी रणछोड राम पुत्र भगूजी कलबी घर के बाहर से ले गया। दो दिन तक पुत्री की तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद शाम के समय बेटी रोती हुई घर पहुंची और बताया कि आरोपी ने एक खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया। विशिष्ठ न्यायाधीश संतोषकुमार मित्तल ने आरोपी को तीन अलग धाराओं में दोषी माना।