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संत राजाराम ने भागवत कथा के दूसरे दिन बताया भक्ति का महत्व

3 वर्ष पहले
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रामद्वारा आश्रम कुम्हारवाड़ा चल रहे भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक संत राजाराम ने कहा कि भक्ति में वशीभूत भगवान बैकुंठ छोड़कर अपने भक्तों के हृदय में निवास करते है तथा संत का जीवन परोपकार के लिए होता है।

रामद्वारा आश्रम के गादीपति राष्ट्रीय संत भजनाराम महाराज के सानिध्य में आयोजित भागवत कथा के कथा वाचक संत राजाराम ने कहा कि जब सुखदेवजी महाराज भक्ति में अपने घर का त्याग कर जाने लगे तब व्यासजी महाराज पुत्र मोह में वशीभूत होकर उन्हें रोकने लगे तब वृक्षों ने उन्हें बताया कि सुखदेवजी महाराज अनेक जीवों का कल्याण करेंगे तथा ज्ञान का अमृत पिलाएंगे, इसलिए इन्हें धर्म के मार्ग पर चलने दीजिए। महाराज ने भागवत महिमा को श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि भगवान कृष्ण का अनुपम प्रेम पता चलता है। संसार को मुक्ति देता है। महाराजश्री ने पुरुषोत्तम मास में भागवत का महात्म बताया है। आश्रम के मीडिया प्रवक्ता विजय प्रकाश वैष्णव ने बताया कि तीन बजे से शुरु भागवत कथा वाचन लाभ लेने के लिए शहर के साथ ही आसपास के गांवों से भी आश्रम पहुंचे।

रामद्वारा में भागवत कथा का वाचन करते महाराज।

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