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एसबीआई के कैश काउंटर पर यूको बैंक के कैशियर के बैग से ढाई लाख पार, बच गए 15 लाख रुपए

3 वर्ष पहले
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शहर के आयुर्वेद चौराहा स्थित एसबीआई बैंक की चेस्ट ब्रांच से शुक्रवार सवेरे करीब 11 बजे बदमाश यूको बैंक के कैशियर के बैग से ढाई लाख रुपए पार कर भाग गए। इस बैग में कुल 17.50 लाख रुपए थे। जो यूको बैंक के कर्मचारी यहां जमा करवाने आए थे। सीआई आनंद कुमार ने बताया कि यूको बैंक कैशियर ललित सिंह रावत पुत्र सरदारसिंह रावत निवासी पदमावती कॉलोनी जयपुर हाल यूको बैंक सिरोही बैंक से चतुर्थ कर्मचारी गौरव गर्ग पुत्र सीताराम गर्ग निवासी नया सानवाड़ा को साथ लेकर सवेरे करीब पौने 11 बजे एसबीआई की चेस्ट ब्रांच पहुंचे। यहां कैशियर ने काउंटर पर रकम जमा करवाने के लिए बैग से दो-दो हजार की गड्डियां निकाली। इसके बाद नोटों का एक और बंडल निकाला। इसके बाद उसे पता चला कि रकम कम है। जो सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। उनके अनुसार इसके बाद कैशियर इधर उधर देखता है और बैंक के गेट तक आता है। इसके बाद गिनती करने पर पता चला कि साढ़े 17 लाख रुपए में से ढाई लाख रुपए गायब थे। सूचना के बाद पुलिस सीआई आनंद कुमार, एससीएसटी सेल के डीएसपी विक्रमसिंह और यूको बैंक मैनेजर प्रशांत कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बैंक कैशियर ललित सिंह रावत की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरु की है।

एसबीआई की चेस्ट ब्रांच में 17.50 लाख रुपए जमा कराने आया था यूको बैंक का कैशियर, दो बदमाश आए, एक ने ढाई लाख का बंडल निकाल दूसरे को थमाया, दोनों फरार

भास्कर इन्वेस्टिगेशन

बायीं तरफ संदिग्ध आरोपी, कैशियर ने काउंटर पर रुपए रखे इस दौरान बैग में हाथ डाला।

पुलिस के पास अब तक यह सुराग

पुलिस मान रही है कि बदमाश तीन से चार थे और उन्होंने दो तीन दिन तक रैकी की है।

संदिग्धों के पहनावे को देखकर पुलिस का मानना है कि वे स्थानीय ही हैं। इसमें कुछ अन्य लोगों की मिलीभगत हो सकती है।

पुलिस ने कॉल डिटेल्स और कुछ लोगों की जानकारियां निकलवाई हैं। यह सब जानकारी कल तक पुलिस के पास होगी इसके बाद इसमें मिलीभगत की हकीकत सामने आ सकेगी।

बैग में थे 17.50 लाख रुपए, एक मिनिट की देरी से बचे 15 लाख

इसे बदमाशों की चूक कह लीजिए या फिर कैशियर की किस्मत, यदि बैंक के अंदर बैठा बदमाश एक मिनिट पहले कैशियर के बैग तक पहुंच जाता तो ज्यादा नकदी जाने की संभावना थी। पुलिस के अनुसार यूको बैंक के कैशियर के बैग में कुल 17.50 लाख रुपए थे। जिनमें दो दो हजार रुपए के नोटों की सात गड्डी कुल 14 लाख रुपए, पांच पांच सौ की छह गड्डियां कुल तीन लाख रुपए और सौ सौ के नोट की पांच गड्डियां कुल 50 हजार रुपए थे। बदमाशों के हाथ दो-दो हजार के नोटों की गड्डी हाथ लगती तो ज्यादा रुपए चोरी होते। कैशियर ने बैग से दो दो हजार की गड्डियां निकाल कर काउंटर पर रखे और बाकी की रकम निकालने के लिए बैग में हाथ डाला तो उसमें से पांच पांच सौ की पांच गड्डियां कुल ढाई लाख रुपए गायब मिले जबकि बाकी नोट रखे थे।

फुटेज में दिखे संदिग्ध युवकों का हुलिया बता रहा कि स्थानीय हो सकते हैं आरोपी, अंदेशा है कि उन्होंने पहले रैकी की, बैंक की अव्यवस्थाएं देख योजना बनाई और दे दिया वारदात को अंजाम, पेशेवर बदमाश होते तो कैशियर के बैंक पहुंचने से पहले ही देते बड़ी वारदात को अंजाम

संदिग्ध युवक ने बंडल अपने साथी को थमाया। वह तेजी से बाहर निकला।

सीसीटीवी फुटेज से उठे सवाल : कैश काउंटर पर कैसे संभव हुई वारदात

पुलिस ने कैश काउंटर पर लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा है। जिसमें साफ नजर आता है कि काउंटर पर कुछ लोग सामान्य तौर तरीके से खड़े हैं।

इसी बीच पीछे से यूको बैंक का कैशियर काउंटर पर आता है। उसके गले में बैग है। जिसे वह अपने सामने की ओर करके नोट निकालता है और काउंटर पर रखता है। पहले दो दो हजार के बंडल और फिर दूसरे बंडल।

इसके बाद जब वह एक बार फिर बैग में हाथ देता है तो रकम गायब मिलती है। जबकि इस दौरान आसपास कुछ लोग खड़े हैं। जो भी लोग वहां खड़े दिखाई दे रहे हैं। सबकी नजर काउंटर की ओर होती है, लेकिन फुटेज को देखकर ऐसा नहीं लगता कि किसी को रकम पार होने का आभास भी हुआ है।

इस बीच एक व्यक्ति यूको बैंक के कैशियर के पीछे आकर कुर्सी पर बैठता है। एक अन्य व्यक्ति बिल्कुल उसके पास आकर खड़ा हो जाता है। फुटेज को देखे तो इस व्यक्ति की नजर बैग पर होती है, लेकिन जिस समय रुपए पार होने की बात कही जा रही है उस समय फुटेज में कोई भी तेजी से जाता नजर नहीं आता। हालांकि लोग इधर उधर होते हैं।

कुल मिलाकर यह एक बड़ा सवाल है कि यदि बैंक के कैश काउंटर से इस तरह से रकम पार होती है तो बैंकों में सुरक्षा के क्या उपाय हैं।

जल्द ही कर देंगे खुलासा : सीआई

हमने मामले की हर एंगल से जानकारी जुटाई है। बदमाश तीन से चार हो सकते हैं। हम बैंक से जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रहे हैं। बैंकों के सीसीटीवी फुटेज हमने ले लिए हैं। यदि रास्ते में कहीं सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे तो उनका भी डाटा लिया जाएगा। -आनंद कुमार, सीआई, सिरोही

बंडल गायब देखकर पलटा कैशियर, तब तक पास खड़ा आरोपी युवक हुआ फरार।

कैश काउंटर पर न लाइन की व्यवस्था, न ही गार्ड, भीड़ की गहमागहमी में बदमाशों ने बैग से निकाला ढाई लाख रुपए के नोटों का बंडल

इसलिए यूको बैंक के कर्मचारी आए थे कैश जमा करवाने

आरबीआई के निर्देशानुसार प्रत्येक बैंक में कैश रखने की एक लिमिट होती है। जो वहां उपलब्ध संसाधनों व बैंक के लेनदेन पर निर्भर होती है। इससे अधिक रकम होने पर वह बैंक अपनी नजदीकी बड़ी ब्रांच या चेस्ट ब्रांच में जमा करवाते हैं। यूको बैंक में रकम लिमिट से अधिक होने पर सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को इसे एसबीआई की चेस्ट ब्रांच में जमा करवाया जाता है। इसलिए बैंक के कैशियर यह रकम जमा करवाने आए थे।

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