3370 रु.क्विं. के हिसाब से दी पर्ची, भुगतान किया 3270 से
चने के भाव को लेकर हुई गफलत की वजह से कृषि उपज मंडी में मंगलवार को अनाज नीलामी करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही। पहले व्यापारियों ने नीलामी का बहिष्कार किया तो इसके बाद कर्मचारियों ने नीलामी रोक दी। इस पूरी प्रक्रिया में सुनवाई किसान की हुई। मंगलवार को कृषि उपज मंडी में मुरवास का एक किसान चना लेकर आया था। यह चना राठौर ट्रेडर्स ने खरीदा।
नीलामी के बाद किसान को मंडी कर्मचारी ने 3370 रुपए क्विंटल के हिसाब की पर्ची दी। उपज की तौल के बाद जब भुगतान की बात आई तो राठौर ट्रेडर्स द्वारा किसान को 3270 रुपए प्रति क्विंटल से भुगतान किया। इसी को लेकर किसान का विवाद मंडी व्यापारी से हो गया। व्यापारी का कहना था कि उसने 3270 रुपए क्विंटल में ही चना खरीदा है तथा मंडी कर्मचारी ने गलती से किसान का दी पर्ची पर 3370 रुपए लिख दिया होगा। जबकि किसान का कहना था कि मैंने 3370 में ही चना बेचा है। विवाद के बीच व्यापारियों ने मंडी की नीलामी रोक दी। विवाद के बीच जब जांच की गई तो अन्य दस्तावेजों में किसान द्वारा बेचे गए चने का मूल्य 3270 रुपए क्विंटल ही अंकित था। मंडी प्रबंधन ने किसान को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। मंडी सचिव ने किसान की जिद के आगे झुक कर उसे 3370 रुपए क्विंटल के हिसाब से ही भुगतान करने की बात कही।
उन्होंने पर्ची पर भाव गलत अंकित करने वाले कर्मचारी से यह राशि वसूलने की बात कही। उनकी बात सुन कर कर्मचारी भड़क गए तथा उन्होंने नीलामी का बहिष्कार कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले मान मनौव्वल के दौर के बाद नीलामी शुरू हुई। मंडी सचिव एनपी रघुवंशी ने बताया कि कर्मचारी की गलती की वजह से यह स्थिति बनी थी। लगातार समझाने के बाद भी किसान नहीं माना।