ठसाठस भरे मैदान में उमस के बीच लिए फेरे
सिरोंज| मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत आयोजित सरकारी शादियों में आए दूल्हा-दुल्हन को ठसाठस भरे मैदान में उमस के बीच फेरे लेना पड़े। 389 हिंदू जोड़ों के फेरों के लिए प्रशासन ने करीब 100 गुणा 100 के मैदान में वेदियों का निर्माण किया था। दोपहर दो बजे करीब फेरों के दौरान मैदान में हालात ऐसे थे कि परिसर में लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे ।
एलबीएस काॅलेज के मैदान में आयोजित विवाह समारोह में वर और वधुओं के आने का सिलसिला बुधवार सुबह से ही शुरू हो गया था। पंजीयन के बाद दोनों पक्षों को मैदान में प्रवेश दिया जा रहा था। 411 युगलों के विवाह के लिहाज से काॅलेज का मैदान तो काफी बड़ा था लेकिन दूल्हा-दुल्हन के फेरों के लिए स्थान तय करने में प्रशासन ने कंजूसी कर दी। एक जोड़े के लिए पांच वाय पांच की जगह निर्धारित की गई थी।
इसी जगह में दूल्हा-दुल्हन के अलावा उनके परिजनों को बैठना पड़ा। हालांकि प्रशासन ने लोगों को धूप से बचाने के लिए वेदी स्थल पर मेट लगवाया था लोग यहां-वहां छांव के लिए जगह तलाशते दिखाई दिए। धूप से बचने के लिए लोगों को ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ ही अपने साथ लाए तिरपाल का सहारा भी लेना पड़ा। दूल्हा और दुल्हन के परिजन अपने बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए खुद पंखों से हवा करते दिखाई दिए। इस दौरान 389 हिन्दू और 22 मुस्लिम युगलों का विवाह सम्पन्न हुआ।
सांसद और विधायक ने बांटे उपहार, 10-10 भोजन के पैकेट बांटे
आयोजन स्थल पर दोपहर में सांसद लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक वीरसिंह पंवार, महिला एवं बाल विकास की सभापति माधवी माथुर, जनपद अध्यक्ष जितेन्द्र बघेल तथा अन्य अतिथियों ने वर और वधु को उपहारों का वितरण किया। वक्ताओं ने उपस्थित लोगों काे केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं से भी अवगत कराया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे। आयोजन स्थल से दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों की वापसी का सिलसिला शाम चार बजे से शुरू हो गया था। सभी लोग एक साथ गेट से बाहर निकलना चाह रहे थे। इस कारण काॅलेज के गेट पर जाम की ंिस्थति बन गई। व्यवस्था में जुटे कर्मचारी भी बमुश्किल यहां से बाहर निकल सके। विवाह के पहले पंजीयन करवाने के लिए दूल्हा और दुल्हन दोनों काे कतार में लगना पड़ा। जनपद द्वारा दोनों पक्षों को 10 10 भोजन के पैकेट दिए जा रहे थे। इन पैकेट को लेने के लिए भी लोग कतार में लगे दिखाई दिए।