तीन साल से बिजली संकट झेल रहे आधा दर्जन गांवों के किसानों ने सोमवार को सिरोंज-बीना हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले इस चक्काजाम की वजह से हाईवे पर करीब एक किलोमीटर लंबे एरिया में वाहनों की कतार लगी दिखाई दी। मौके पर पहुंचे बिजली कंपनी के एई, नायब तहसीलदार और पुलिस के जवानों की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया।
सोमवार दोपहर में 1 बजे करीब सिरोंज-बीना हाईवे पर स्थित गुलाबगंज और रुसल्ली दामा चौराहे पर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम में गुलाबगंज, रफसोल, अथाईखेड़ा, ऐचनबाड़ा तथा सहत्राबाद क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे। जाम का नेतृत्व कांग्रेस नेता राजेन्द्रसिंह रघुवंशी एवं खुशाल सिंह रघुवंशी कर रहे थे। नेताओं और ग्रामीणों का कहना था कि तीन-चार साल से इन गांवों में बिजली नहीं है। जब भी बिजली कंपनी से शिकायत करने जाते हैं तो कंपनी के अधिकारी तार और खंभे लगने के बाद बिजली सप्लाई शुरू करने की बात कहते हैं। हर बार वे यह कह कर लौटा देते हैं कि जल्द ही खंभे और तार लगने का काम शुरू होने वाला है। कांग्रेस नेता श्री रघुवंशी का कहना था कि एक ओर केन्द्र सरकार देश के हर गांव में बिजली होने का दावा कर रही है तो दूसरी ओर हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में सालों से बिजली गुल है। गजेंद्र रघुवंशी और रघुवीर चौहान ने बताया कि बिजली नहीं होने की वजह से ग्रामीणों को अंधेरे में भी अपनी रातें गुजारना पड़ रही हैं। आज भी इन गांवों की आबादी को गेहूं पिसवाने और मोबाइल चार्ज करने के लिए सिरोंज नगर में आना पड़ता है।