शुक्र है यह नहीं हुआ... जिस घर की दीवार में
शुक्र है यह नहीं हुआ... जिस घर की दीवार में ट्राॅला घुसा, उसके कमरे मंे सो रहा था परिवार
सिरोंज से बीना की तरफ खाली ट्राला थर्मल प्लांट की राख लेने के लिए जा रहा था। ट्राला से जब टक्कर मारी तब बोलेरो करीब 100 फीट तक घिसटती चली गई। दोनों वाहन संजय विश्वकर्मा के मकान में घुस गए। वहीं देशराज विश्वकर्मा की पूरी दुकान टूट गई। वहां मौजूद लोगों का कहना है यदि ट्राला भरा होता तो दीवार तोड़कर अंदर घुस जाता। उस वक्त संजय, उसकी प|ी संगीता और तीन बच्चे सो रहे थे।