जनवरी में लिया था सिरोंज आने का फैसला
दैनिक भास्कर से हुई चर्चा में किशोरी ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर की 10वीं कक्षा की छात्रा है। जनवरी में ही सिरोंज आने का निर्णय ले लिया था। मम्मी-पापा डांटते इस कारण उन्हें बिना बताए ही यहां आ गई। उसने बताया चितरा से भोपाल तक का सफर मैंने सिर्फ 50 रुपए में तय कर लिया था। सिराेंज थाने के एसआई आरएन जाटव ने बताया कि किशोरी अपने पिता के साथ वापस चली गई है।