एलबीएस कॉलेज और कृषि उपज मंडी मेंं बने समर्थन मूल्य खरीदी केन्द्रों पर परिवहन की समस्या गंभीर होती जा रही है। परिवहन नहीं होने की वजह से इन केन्द्रों पर हर दिन काफी कम किसानों की उपज की तौल हो पा रही है। केन्द्र पर आए किसानों को उपज बेचने के लिए तीन से चार दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा हैं।
उपज को बेचने के लिए किसानों को तीन से चार दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी उनकी उपज की तौल नहीं हो पा रही है। खरीदी केन्द्रों पर उपज की तौल नहीं होने की सबसे बड़ी वजह केन्द्रों पर रखे हजाराें क्विंटल माल का परिवहन नहीं होना है। दोनों ही केन्द्रों पर अभी भी करीब 40000 क्विंटल माल परिवहन का इंतजार कर रहा है। इस माल की वजह से यहां आए किसानों की उपज की तौल नहीं हो पा रही है जबकि केन्द्रों पर अभी भी 500 से अधिक किसान उपज विक्रय का इंतजार कर रहे हैं।
एलबीएस कॉलेज स्थित खरीदी केन्द्र पर दिनभर इंतजार के बाद शनिवार शाम को नेफेड की टीम ने खरीदी की। इसके बाद भी कई ऐसे किसानों की उपज की खरीदी नहीं हो सकी जो 15 मई से उपज बेचने का इंतजार कर रहे हैं। किसान रघुनंदन यादव ने बताया कि अब तो ऐसा लग रहा है कि सरकार ने किसानों को परेशान करने के लिए खरीदी करने का निर्णय लिया है। एक तरह से सरकार और प्रशासनिक अधिकारी किसानों के सब्र का इम्तहान ले रहे हैं। किसानों को इस तरह की परेशानी पहली बार झेलना पड़ रही है।