पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • जिले में कम लिंगानुपात वाले 27 गांव चिन्हित

जिले में कम लिंगानुपात वाले 27 गांव चिन्हित

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बेटियां बचाने की मुहिम को ज्यादा सार्थक बनाने के प्रयासों में स्वास्थ्य विभाग ने कम लिंगानुपात वाले 27 गांव को चिन्हित किया है। संबंधित गांव की आशा वर्कर्स को विभाग नोटिस देगा। जिसमें आशा वर्कर्स को बताना होगा कि लड़कों के मुकाबले गांव में कम बेटियां क्यों जन्मी हैं। वहीं उन्हें प्रत्येक गर्भवती का पंजीकरण करवाने के भी निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं असंतुलित लिंगानुपात वाले गांवों पर विभाग के मुखबिर पैनी नजर रखेंगे। यह मुखबिर कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच की सूचना विभाग को देंगे।

पिछले 2 सालों से लिंगानुपात सुधार में हरियाणा में प्रथम रहने वाला जिला सिरसा वर्ष 2018 में पिछड़ गया था। जोकि वर्ष 2017 का लिंगानुपात 928 के साथ प्रदेश में चौथे पायदान पर रहा था। लेकिन अब तीन महीनों से जिला का लिंगानुपात सुधरने लगा है। मार्च में लड़कों के बराबर लड़कियां जिला में जन्मी हैं। ओवरऑल लिंगानुपात 956 तक पहुंचा है। वहीं लिंगानुपात बिगाड़ने वाले लगभग 27 गांव का चयन किया है। यह गांव जिला की 7 पीएचसी के अधीन आते हैं। जहां एक हजार लड़कों के मुकाबले 900 से कम बेटियां जन्मी हैं। जनवरी में भी जिला के 21 गांव की आशा वर्कर्स को नोटिस दिया था, क्योंकि संबंधित गांव में बेटियां कम जन्मी थी। उसके बाद कुछ गांव में स्थिति सुधरी है।

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव लेंगे अधिकारियों की मीटिंग, देंगे आवश्यक दिशा-निर्देश
इन पीएचसी के अधीन ज्यादा जन्मी बेटियां
स्वास्थ्य केंद्र बेटियों की संख्या

डबवाली(पीएचसी) 1115

दड़बा(पीएचसी) 1333

केहरवाला(पीएचसी) 1400

जगमलेरा(पीएचसी) 1500

ऐलनाबाद(पीएचसी) 1529

डबवाली(सीएचसी) 1600

रोड़ी(पीएचसी) 2000

डिंग(पीएचसी) 2000

दड़बी(पीएचसी) 2667

रंधावा(पीएचसी) 3500

इन सीएचसी और पीएचसी के तहत गांवों ने बिगाड़ा अनुपात

स्वास्थ्य केंद्र का नाम लिंगानुपात

खारियां(पीएचसी) 818

पनिहारी(पीएचसी) 800

कालांवाली(पीएचसी) 773

रानियां(सीएचसी) 737

ओढ़ां(पीएचसी) 611

बड़ागुढ़ा(पीएचसी) 500

2018 में जिला का लिंगानुपात
महीना लिंगानुपात

जनवरी 930

फरवरी 945

मार्च 1000

यह तीन महीने का ओवरऑल लिंगानुपात 956 है।

नोट- उपरोक्त आंकड़ों के मुताबिक मार्च में एक हजार लड़कों के मुकाबले जन्मी लड़कियों की संख्या है।

भ्रूण हत्या व लिंग जांच रोकने के प्रयासों में सख्ती की तैयारी

जिले में लिंगानुपात की स्थिित में सुधार लाने बारे मुख्यमंत्री हरियाणा के अतिरिक्त प्रधान सचिव राकेश गुप्ता 20 अप्रैल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। जिसमें बेटियों को बचाने की मुहिम पर चर्चा होगी। वहीं लोगों में बेटियों के प्रति जागरूकता लाने के संदेश दिया जाएगा। इसके अलावा भ्रूण हत्या व लिंग जांच रोकने के प्रयासों में सख्ती लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए जाएंगे। ताकि बेटियां बचाने की कवायद को और ज्यादा सार्थक बनाया जा सके। प्रशासन इस विषय में गंभीरता से जुटा है और संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।

असंतुलित लिंगानुपात वाले गांव में चलाएंगे अभियान
जिला में लड़कों के बराबर लड़कियां मार्च में जन्मी हैं। वहीं ओवरऑल लिंगानुपात 956 तक पहुंचा है। लेकिन असंतुलित लिंगानुपात वाले गांव में जागरूकता अभियान चलाएंगे। वहीं संबंधित गांव की अाशा वर्कर्स को कारण बताओ नोटिस भी देंगे।\\\'\\\' -डॉ. बुधराम डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा

खबरें और भी हैं...