दुष्कर्म के आरोपियों को भुगतनी होगी कड़ी सजा
हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने उन छोटी मानसिकता वाले लोगों को चेताया है कि वे दुष्कर्म करने की वारदात करते हुए देह शोषण करने से बाज आएं अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
सुमन बेदी बुधवार को सिरसा दौरे के दौरान पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में मीडिया से रूबरू हो रही थीं। उनके साथ महिला थाना की एसएचओ सुनीता के अलावा भावना शर्मा एडवोकेट भी थीं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं जो न्याय के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला नहीं जा सकती उनको घर बैठे ही न्याय दिलवाना आयोग का मुख्य उद्देश्य है। घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बलात्कार और अन्य अत्याचारों से पीड़ित महिलाओं को महिला आयोग के सदस्यों द्वारा न्याय दिलाया जाएगा। महिला आयोग की ओर से हरियाणा सरकार से सिफारिश भी की गई है कि नाबालिग बच्चियों से बलात्कार करने वाले का फांसी की सजा होनी चाहिए। सरकार ने मंजूर करते हुए 12 साल तक की बच्चियों से बलात्कार करने पर फांसी की सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि महिला आयोग की ओर से एक अन्य सिफारिश भी की गई कि स्कूलों में सेल्फ डिफेंस व कानूनी नैतिक शिक्षा का विषय जरूर होना चाहिए। इसके अलावा छात्राओं को को सेनिटरी पैड भी मुफ्त मुहैया करवाए जाएं। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में छेड़छाड़ को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे दुर्गा अभियान को और तेज किया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई न करे तो आयोग के संज्ञान में लाएं
सुमन बेदी ने यह भी कहा कि अगर किसी थाने में किसी महिला की शिकायत पर कोई कार्यवाही न हो तो उस मामले को महिला आयोग के संज्ञान में लाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सख्त हिदायत है कि महिलाओं से संबंधित कोई भी शिकायत है तो संबंधित विभाग उस पर तुरंत संज्ञान ले।
महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी बोलीं
सिरसा। लोक निर्माण विश्राम गृह में हरियाणा महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी पत्रकारों से रूबरू होते हुए।