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अप्रैल का वेतन देने की मांग को लेकर अध्यापकों ने किया प्रदर्शन, नारेबाजी

3 वर्ष पहले
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अध्यापकों व गैर शैक्षणिक स्टाफ को अभी तक वेतन नहीं मिला है इसलिए हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर लघु सचिवालय में अध्यापकों व कर्मचारियों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अध्यापकों ने डिप्टी डीईओ के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजा। अध्यापकों ने शीघ्र वेतन जारी करने की मांग की। इस धरने की अध्यक्षता संघ जिला प्रधान सुनील यादव ने की।

अध्यापक संघ के जिला सचिव बूटा सिंह ने कहा कि अप्रैल का महीना सबसे खर्चीला महीना होता है। इसमें अध्यापकों को कहीं समय पर जीवन बीमा, मकान लोन आदि की किश्त देनी होती है। पूरे वर्ष का अनाज लेने, बच्चों के दाखिले आदि भी इसी महीने में करवाने होते हैं। लेकिन आधा महीना गुजर जाने के बावजूद अभी तक अध्यापकों व गैर शैक्षणिक स्टाफ को वेतन नहीं मिला है। इस कारण प्रदेश के अध्यापक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी बहुत ज्यादा परेशानी का सामना कर रहे हैं। जिला प्रधान सुनील यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नाकामी के कारण अभी तक डीडीओ के इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर वाले डोंगल स्कूलों में उपलब्ध नहीं करवाए जा सके हैं, जबकि अन्य विभागों में कई महीने पहले ही डोंगल उपलब्ध करवा दिए गए थे। वित्त विभाग की स्पष्ट गाइडलाइन होने के बावजूद अधिकारी कुछ नहीं कर रहे।

लघुसचिवालय में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के सदस्य व अध्यापक प्रदर्शन करते हुए।

अब 19 को शिक्षा निदेशालय पंचकूला जान का प्लान

अध्यापक नेताओं ने कहा कि स्टेप अप मामले, पदोन्नति, स्थानांतरण, समान काम समान वेतन व समय पर वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का मास डेपुटेशन 19 अप्रैल को शिक्षा निदेशालय पंचकूला पर जाएगा। जिला के सभी अध्यापक सर्व कर्मचारी संघ की 29 अप्रैल की ललकार रैली में बढ़ चढ़ कर भाग लेंगे।

ये लगाए आरोप

सरकार डिजिटल करने के नाम पर परेशान कर रही है। डिजिटल, ऑनलाइन के नाम पर शक्तियों का केंद्रीयकरण किया जा रहा है।

नीलम रानी मामले माननीय उच्च न्यायालय का फैसला आने के बावजूद भी राज्य का उदाहरण मानने संबंधी पत्र जारी नहीं किया गया। इस कारण हजारों अध्यापकों को स्टेप अप का लाभ नहीं मिला।

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