हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में फैला कूड़ा, आवारा पशु बने आफत
स्थानीय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की मुख्य सड़क पर कुछ वर्ष पूर्व नगरपरिषद की ओर से कूड़ाघर बनाया गया था। चार दीवारी के अंदर बनाए गए कूड़ाघर में सामने की दीवार को खुला छोड़ा हुआ है जो अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। साथ ही यह सरकार के स्वच्छता अभियान पर भी एक धब्बा है।
नगरपरिषद सिरसा की ओर से कुछ वर्ष पूर्व शहर में एक दर्जन के लगभग कूड़ाघर का निर्माण करवाया गया था। उसी क्रम में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में भी कूड़ाघर बना था। कूड़ाघर की पक्की दीवारें बनाई गई हैं, लेकिन सामने की दीवार को खुली छोड़ दी है। इस खुले स्थान पर लोहे का गेट लगाया जाना था ताकि कचरा डालने व उठाने में कोई दिक्कत न आए। कूड़ाघर बनाने के पीछे यह उद्देश्य था कि सफाई कर्मी घरों से जो कचरा एकत्र करते हैं, उसे कूड़ाघर में इक्कठा कर दिया जाए। यहां से कचरा प्लांट की गाडिय़ां कचरा उठाकर बकरियांवाली कचरा प्लांट में लेकर जाती हैं। स्थानीय निवासी गुरनाम सिंह, हरजीत सिंह, ओमप्रकाश वधवा, पीसी असीजा, पवन नागपाल, हरबंस लाल, दुर्गा प्रसाद, बबलू, संजय सरदाना, मनदीप, राजू, राजेश मिढ़ा, सीमा, वेदप्रकाश, संतोष रानी, अनिल कुमार, आशा रानी, मलकीत कौर, सरोज रानी, सुनीता रानी, ऊषा रानी, सुरेंद्र ने बताया कि जब से यह कूड़ाघर बना है, उन्हें सुविधा की बजाय दुविधा का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि सफाईकर्मी घरों से उठाए गए कचरे को यहां डाल देते हैं।