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चौधरी दलबीर सिंह चेयर के अध्यक्ष ने चार्ज छोड़ने का लिया फैसला

3 वर्ष पहले
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चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सरकार की हिदायत पर बेशक, डॉ. भीम राव अंबेडकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर चेयर स्थापित करने का काम शुरू कर दिया है लेकिन पहले से संचालित चौधरी दलबीर सिंह चेयर के प्रति उदासीनता अपना रखी है।

एक रुपया भी नहीं खर्चा

इस चेयर के माध्यम से सीडीएलयू प्रशासन एक रुपया भी विद्यार्थियों के हित में खर्च नहीं कर पाया। चेयर के प्रति प्रशासनिक उदासीनता के कारण चेयरमैन ने वीसी काे पत्र लिखकर चार्ज छोड़ दिया है। सीडीएलयू में वर्ष 2015 में चौधरी दलबीर सिंह चेयर स्थापित की गई ताकि विद्यार्थियों काे लाभ मिल सके। प्रावधान किया गया कि इस चेयर के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए विभिन्न तरह के सेमिनार कराए जाएंगे, पुस्तकें खरीदी जाएंगी।

विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएंगे चौधरी दलबीर से संबंधित साहित्य

साथ ही चौधरी दलबीर सिंह से संबंधित साहित्य भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि विद्यार्थी चौधरी दलबीर सिंह के जीवन के बारे में जान सकें। लेकिन सीडीएलयू प्रशासन ने इस चेयर के प्रति रुखा रवैया अपना लिया। चेयर के लिए सीडीएलयू प्रशासन की ओर से फंड ही जारी नहीं किया गया। केवल औपचारिक तौर पर चेयरमैन की नियुक्ति कर दी गई और कार्यालय बना दिया गया। इस चेयर के चेयरमैन का चार्ज लोक प्रशासन विभाग के प्राध्यापक डॉ. राजबीर सिंह दलाल के पास है लेकिन उन्होंने सीडीएलयू प्रशासन की उदासीनता से परेशान होकर वीसी को पत्र लिखकर चार्ज छोड़ने की इच्छा जाहिर की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन चेयर को न फंड दे सका और न ही प्रस्ताव बनाने की शक्तियां

सीडीएलयू प्रशासन के रवैये से बढ़ी दिक्कतें, विद्यार्थियों के लिए चेयर के माध्यम से एक रुपया भी खर्च नहीं कर पाया सीडीएलयू प्रशासन

चेयर को अब प्रभावी ढंग से चलाएंगे: प्रो. दिलबाग सिंह

चौधरी दलबीर सिंह चेयर के चेयरमैन के इस्तीफे की जानकारी मुझे नहीं है लेकिन इतना स्पष्ट है कि अब इस चेयर को प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा।’’ -प्रो. दिलबाग सिंह, निदेशक जनसंपर्क, सीडीएलयू।

प्रशासन के पास जो भी फाइल गई, वापस नहीं आई

चौधरी दलबीर सिंह चेयर के प्रति सीडीएलयू प्रशासन की उदासीनता इतनी है कि प्रस्ताव बनाकर चेयरमैन ने जो भी फाइल भेजी, वह कभी वापस ही नहीं आई आैर ना ही उसे मंजूरी मिली। चेयरमैन ने 28 अक्टूबर 2017 को दिल्ली जाने की इजाजत मांगी ताकि चेयर के तहत केंद्र सरकार से कोई नया शोध प्रोजेक्ट लाया जा सके। ऑब्जेक्शन लगाकर फाइल 6 दिसंबर 2017 को आई। दोबारा 21 जनवरी 2018 को फाइल भेजी तो आज तक फाइल वापस नहीं आई। 2 अगस्त 2017 को भी प्रस्ताव बनाकर फाइल भेजी गई लेकिन इसका भी जवाब नहीं आया।

प्रशासन ने नहीं दिया सहयोग: डॉ. दलाल

सीडीएलयू के उच्च अधिकारियों ने चौधरी दलबीर सिंह चेयर के प्रति उदासीन रवैया अपनाया हुआ है। कोई भी अधिकारी सहयोग नहीं कर रहा। जब चेयर को संचालित ही नहीं करना तो काम करने का क्या लाभ। इसलिए मैंने वीसी को चिट्ठी लिखकर चार्ज छोड़ने की बात कही है। लेकिन अभी तक वीसी ऑफिस से कोई जवाब नहीं आया।’’ -डॉ. राजबीर सिंह दलाल, चेयरमैन, चौधरी दलबीर सिंह चेयर।

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