पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • फर्जी फर्म मामला: प्राइवेट बैंकों में खुलवा रखे थे खाते, पुलिस टीम ने बैंकों से मांगा रिकॉर्ड

फर्जी फर्म मामला: प्राइवेट बैंकों में खुलवा रखे थे खाते, पुलिस टीम ने बैंकों से मांगा रिकॉर्ड

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
फर्जी फर्म मामले में आईजी स्टॉफ की टीम ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। एक तरफ पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। दूसरी तरफ टीम ने अब इस गोरखधंधे में शामिल बैंकों की भी पड़ताल करनी शुरू कर दी है। आईजी स्टॉफ का मानना है कि फर्जी फर्म बनाकर किसी अन्य के नाम करोड़ों रुपयों का कारोबार करना बिना बैंक की मिलीभगत के संभव ही नहीं है। इसलिए आईजी स्टॉफ के इंचार्ज जंगीर सिंह ने सभी फर्जी फर्मों के बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है। अब तक जांच में आया है कि आरोपियों ने फर्जी फर्म का खाता प्राइवेट बैंकों में ही खुलवा रखा है। जाे फर्जी फर्म सामने आई है उनके खातों में करोड़ों रुपयों का कारोबार है। इनके खाते महेंद्रा कोटक, इलाहाबाद बैंक,एक्सिस बैंक और एक्टिवास बैंक में है। अब इन बैंक से रिकॉर्ड लेकर इनकी भूमिका जांच की जाएगी। अगर कोई मिलीभगत मिलती है तो बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा टीम ने आयकर विभाग से इन फर्मों का रिकॉर्ड मांगा है , मगर अभी तक विभाग ने पुलिस को रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करवाया। बैंक और आयकर विभाग से रिकॉर्ड मिलने के बाद ही अब जांच आगे बढ़ पाएगी।

यह है फर्जी फर्म का पूरा खेल

दरअसल, फर्जी फर्मों के खेल में दूसरे के कंधों का इस्तेमाल किया जाता है। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ही नहीं बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों से सांठगांठ कर ऐसे लोगों को फांसा जाता है, जिनके दस्तावेज के आधार पर फर्म बनाई जाती है। इस फर्म के नाम पर करोड़ों का लेन-देन किया जाता है। फर्म की ओर लाखों रुपये का टैक्स जब देय हो जाता है, तब फर्म बंद कर दी जाती है। ऐसे में फर्म का प्रोपराइटर (मालिक) सरकार का डिफाल्टर हो जाता है और कानून की नजर में गुनहगार। फर्जी फर्मों के जनक महेश बांसल की ओर से ऐसी कई कई फर्में बनाई और बंद की।

कागजों में जो फर्म के मालिक थे, वह हकीकत में दुकान पर पानी पिलाने वाले, रसोईया, ड्राइवर, माली व अन्य गरीब लोग रहें। फर्जी फर्मों के इस खेल से सर्वाधिक चूना सरकार को लगा। फर्जी फर्म के नाम पर करोड़ों रुपये की खरीद की गई। खरीद पर टैक्स देय हुआ। वह टैक्स अदा नहीं किया गया। शहर के व्यापारियों के दो नंबर के माल को देश के किसी भी कोने में भेजने के लिए फर्जी फर्म के दस्तावेज (एसटी-फार्म, सी-फार्म) का इस्तेमाल किया गया। माल की ट्रांजेक्शन के समय दस्तावेज होने पर यह वैध बने रहें, लेकिन टैक्स की अदायगी के समय फर्म गायब हो गई।

फर्म का खाता खोलने से पहले बैंक अधिकारी को करनी होती हैं जांच

फर्जी फर्मों के संचालन में बैंक अधिकारियों ने भी पूरी भूमिका अदा की। दूसरे के नाम से बनाई गई फर्म का बैंक अकाउंट फर्जी फर्मों के जनक द्वारा ही डील किया जाता था। जिस व्यक्ति के नाम से फर्म बनी है, जिसके नाम से बैंक में खाता है। उसके खाते का संचालन दूसरा ही करता था। माना जा रहा है कि बैंक अधिकारियों की ओर से हस्ताक्षर तस्दीक नहीं किए गए। खातों के हस्ताक्षर फर्जी फर्मों के जनक के ही चलते थे। बैंक अधिकारी लाखों की एफडी बटोरने के लिए नियमों को ताक पर धर देते थे। सिरसा में दर्जनभर से अधिक प्राइवेट बैंकों का कारोबार ही फर्जी फर्मों पर चला। जिसका खाता खोला गया उसकी पहचान ही बैंक ने नहीं की। केवल दस्तावेज के आधार ही खाता खोल दिया गया। इसके अलावा इस खेल में आबकारी एवं कराधान विभाग का भी अहम रोल मिलेगा। इसकी जांच पुलिस कर रही है।

डबवाली व कालांवाली की अनाज मंडियों में भी चल रहा फर्जी फर्मों से कारोबार

फर्जी फर्म बनाने वाले गिरोह के तार केवल सिरसा शहर तक ही सीमित नहीं है। इन लोगों के सहारे ही जिला की कालांवाली व डबवाली मंडी के भी कुछ व्यापारी इसी प्रकार का गोरखधंधा करके सरकार को टैक्स के रूप में करोड़ों रुपयों का चूना लगा रहे हैं। सूत्रों से पता लगा है कि आईजी स्टॉफ को इस संबंध में भी कई अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही कालांवाली और डबवाली में टीम कार्रवाई कर सकती है।

बैंक खातों की जांच के साथ अधिकारियों की मिलीभगत की होगी पूरी जांच

फर्जी फर्म मामले में बैंक की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए जहां जहां खाते हैं। उन बैंक का रिकॉर्ड लिया जा रहा है। करीब 10 से 12 प्राइवेट बैंक खातों से रिकॉर्ड ले रहे हैं। उसके बाद उनमें हुआ कारोबार चैक किया जाएगा। साथ ही इस बात की तसदीक की जाएगी कि खाता खोलते समय क्या प्रक्रिया अपनाई गई और बैंक खाता मालिक के बारे में जांच की गई थी या नहीं। इसके बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।’’ -जंगीर सिंह, आईजी स्टाफ इंचार्ज

खबरें और भी हैं...