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किसान बोले- नहरां विच पाणी नी, टयूबवेल दे पाणी तों नरमा नी उगदा, असीं की करिएं...

3 वर्ष पहले
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सिंचाई विभाग कार्यालय का गेट पर एक्सईएन से बहस करते हुए किसान।

भास्कर न्यूज | सिरसा

नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिलने पहुंचे किसान उस समय गुस्सा गए जब कोई अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। गुस्साए किसानों ने जब सिंचाई विभाग कार्यालय के मेन गेट को बंद किया तब जाकर विभागीय एक्सईएन ज्ञापन लेने आए तो उनको ज्ञापन देने से इंका कर उनको बैरंग लौटा दिया और कहा कि एसई को भेजिए ज्ञापन लेने के लिए। इससे वहां बवाल हो गया।

सिंचाई विभाग में माहौल तनावपूर्ण होने की सूचना पाकर शहर थाना प्रभारी अमित बेनीवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विभाग के एक्सईएन कुलदीप नरवारा किसानों की समस्या सुनने कार्यालय के मेन गेट पर आए तो किसानों ने मेन गेट को बंद कर दिया और एक्सईएन नरवारा से कहा आप जाइए और एसई को भेज दीजिए ज्ञापन लेने के लिए। इस बीच किसानों ने एक्सईएन को जब खरी-खोटी सुनानी शुरू की तो एक्सईएन ज्ञापन लिए बगैर ही बैरंग लौट गए। किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भाटी कर रहे थे। प्रदर्शनकारी किसान सिंचाई विभाग के मेन गेट के आगे तीन घंटों तक धरनारत रहे लेकिन जब उनकी सुध लेने कोई भी अधिकारी नहीं आया तो उनके तेवर उग्र होने लगे। विभाग के मेन गेट को बंद कर दिया। सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। शहर थाना प्रभारी अमित बैनीवाल ने किसानों की समस्याएं जानने के बाद संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधा। तब जाकर विभाग के एससी राजेश कुमार ने रोड़ी मंडल के एक्सईएन कुलदीप नरवारा को भेजा। लेकिन किसानों ने एक्सईएन की एक भी नहीं सुनी बल्कि खरी-खाेटी सुनानी शुरू कर दी। किसान बोले, ‘नहरां विच पाणी नहीं, खर्चा करण बाद वी टयूबवेल दे पाणी तों नरमा नहीं उगदा, असी कित्थे जाइए…’ एक्सईएन ने दो टूक जवाब दिया कि नहरों में पानी नहीं है। पानी जब नहरों में आएगा तभी नियमानुसार पानी मिलेगा। एक्सईएन का जवाब सुनकर किसान और ज्यादा गुस्सा गए और बोले ‘एक्सईएन साब थोडेे बस दी गल नहीं, तुसीं हुण वापस जाओ, असीं एसई नाल ही बात करांगे।’ बाद में किसानों ने नारेबाजी करते हुए एक्सईएन नरवारा को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। बाद में तहसीलदार भी आए लेकिन उनको भी किसानों ने ज्ञापन नहीं दिया। इसके बाद एसई राजेश कुमार को ही आना पड़ा और किसानों से ज्ञापन लिया।

किसान गुरदास सिंह लकड़ांवाली, वेदपाल लखुआना, देवेंद्र सिंह, गुरमेल सिंह मटदादू, भोला सिंह चोरमार, दर्शन सिंह जंडवाला, मनिंद्र सिंह धनपुरा, लाभ सिंह मटदादू व ओमप्रकाश ने एसई को बताया कि नहरें बीते अप्रैल माह से सूखी हैं। एसई ने किसानों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन विभाग के अाला अफसरों तक पहुंचाएंगे।

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